गाजियाबाद में टीबी संक्रमित युवती समेत तीन मरीजों की मौत, ओपीडी में उमड़ी भीड़
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में सोमवार को एक टीबी संक्रमित युवती समेत तीन मरीजों की मौत हो गई। सर्दी और वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस संबंधी बीमारिय ...और पढ़ें
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जिला एमएमजी अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर लगी भीड़। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर के राजनगर जैसे पॉश इलाके में रहने वाली एक टीबी संक्रमित युवती की सोमवार को मौत हो गई। स्वजन युवती को अचेत अवस्था में लेकर जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
इसके अलावा नुसरतपुरा की रहने वाली 54 वर्षीय पुष्पा को सांस लेने में परेशानी होने पर बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के चलते भर्ती कराये गये 42 वर्षीय भैयाराम को भी मृत घोषित कर दिया गया।
अवकाश के बाद सोमवार को जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ उमड़ी। तीनों अस्पतालों की ओपीडी में 3718 मरीज पहुंचे। सर्दी और वायु प्रदूषण बढ़ने पर सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में सांस लेने में परेशानी,निमोनिया, खांसी और गले में खरास के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
निमोनिया के चार मरीज भर्ती हैं। सांस लेने में परेशानी होने पर हालत बिगड़ने पर तीन मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जिला एमएमजी अस्पताल, संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल और डूंडाहेड़ा अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 654 बीमार बच्चे पहुंचे। बुखार के 450 मरीजों में भी 97 बच्चे शामिल रहे।
फिजिशियन डा. आलोक रंजन ने बताया कि सर्दी में बुखार,खांसी और सीने में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती हैं। उनकी सलाह है कि सर्दी से बचाव को गरम कपड़े पहनें। पानी खूब पीयें।
सुबह-शाम टहलने से बचें। सांस लेने में परेशानी हाेने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सक को दिखायें। सूप,चाय और काफी का सेवन करें। शराब एवं धूम्रपान बंद कर दें। सर्दी में रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में तली हुई खाद्य सामग्री का सेवन न करें। बाहर का खाना न खायें।
66 बच्चों समेत 516 ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन
सोमवार को सरकारी अस्पतालों में जानवरों के काटने पर 66 बच्चों समेत 516 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। रिपोर्ट के अनुसार जिला एमएमजी अस्पताल में 297 में से 46 बच्चों समेत 124 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई। संयुक्त अस्पताल में 219 में 20 बच्चों समेत 76 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई ।

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