NCR में आशियाना बनाने का सपना होगा पूरा, जीडीए की नई टाउनशिप की DPR और लेआउट पर काम शुरू; क्या है स्कीम
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने हरनंदीपुरम टाउनशिप (Harnandipuram Township) के लिए डीपीआर और लेआउट तैयार करने हेतु सलाहकार एजेंसी का चयन किया है। ए ...और पढ़ें

पीले घेरे में हरनंदीपुरम का प्रस्तावित हिस्सा। सौ. जीडीए
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जीडीए ने नई हरनंदीपुरम टाउनशिप (Harnandipuram Township) को लेकर तैयारियां तेज की हैं। डीपीआर और लेआउट तैयार करने के लिए प्राधिकरण की ओर से सलाहकार एजेंसी का चयन किया कर लिया है, जो अधिकारियों के सुझावों के आधार पर पहले चरण में 100 हेक्टेयर जमीन की डीपीआर और लेआउट तैयार प्रजेंटेशन देगी।
नई टाउनशिप हरनंदीपुरम के विकास को लेकर जीडीए ने प्रक्रिया तेज कर दी है। डीपीआर और लेआउट तैयार करने वाली सलाहकार एजेंसी सात जनवरी को जीडीए के समक्ष प्रजेंटेशन देगी। इस दौरान करीब 100 हेक्टेयर भूमि के लिए डीपीआर और लेआउट का रफ ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- Meta AI
इसके साथ ही सड़क, सीवर, जलापूर्ति, बिजली, हरित क्षेत्र और अन्य अवस्थापना सुविधाओं का प्रारंभिक प्रारुप शामिल होगा। प्रस्तुतिकरण के बाद जीडीए आवश्यक सुझाव देकर अंतिम डीपीआर को मंजूरी देगा। इसके बाद टाउनशिप के विकास कार्य आगे बढ़ेंगे।
आठ गांवों के किसानों से खरीदी जाएगी जमीन
हरनंदीपुरम टाउनशिप को दो चरणों में 521 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। आठ गांवों की भूमि किसानों से खरीदी जाएगी, जिसमें पहले चरण के लिए पांच गांव की 350 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप विकसित होगी।
जीडीए अब तक करीब 55 हेक्टेयर जमीन का बैनामा करा चुका है, जबकि 115 हेक्टेयर भूमि पर किसानों से सहमति बन चुकी है, जिसका जल्द बैनामा होगा। प्राधिकरण ने योजना के पहले फेज को लांच करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
एजेंसी की ओर से सात जनवरी को दी जाने वाली प्रस्तुति में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने की संपूर्ण रूपरेखा रखी जाएगी। इसके बाद एजेंसी डीपीआर और लेआउट तैयार करेगी, जिसमें आधारभूत ढांचे की डिजाइन भी शामिल होगी।
आवासीय और व्यावसायिक भूखंड़ों संग मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
डीपीआर के तहत टाउनशिप में ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, हरियाली क्षेत्र, आवासीय व व्यावसायिक भूखंड, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक और सामाजिक सुविधाओं के लिए स्थान निर्धारित किए जाएंगे। पूरी योजना को पाकेटवार बेहतर और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
योजना के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 1200 करोड़ रुपये जमीन खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इसमें से 400 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शासन से प्राप्त हुए हैं, जबकि 800 करोड़ रुपये जीडीए स्वयं खर्च करेगा।
हरनंदीपुरम को विकसित करने के लिए एजेंसी तय कर ली गई है। सात जनवरी को प्रजेंटेशन के बाद पहले चरण की डीपीआर और लेआउट तैयार किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
नंद किशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए

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