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    फतेहपुर में बिल जमा करने के नाम पर टीजी-2 ने ली 25 हजार की घूस, वीडियो वायरल होने पर हुए सस्पेंड

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 08:52 PM (IST)

    फतेहपुर में बिजली विभाग के भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। महिचा मंदिर पावर हाउस के टीजी-2 ओमप्रकाश मौर्या को एक उपभोक्ता से 25 हजार रुपये का ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं। दीमक की तरह उपभोक्ताओं की मेहनत से कमाई पूंजी को साफ कर रही हैं। रिश्वत के मामले में दो एसडीओ जेल की हवा खा चुके हैं, इसके बाद भी भ्रष्टाचार नहीं थम रहा है।

    ताजा मामला महिचा मंदिर पावर हाउस से आया है, जहां बिल जमा करने के नाम पर बकाएदार से 25 हजार रुपये टीजी-2 ने हड़प लिए। प्रकरण का वीडियो इंटरनेट में प्रचलित होने के बाद एक्सइएन ने टीजी-2 को निलंबित कर दिया है।

    खागा कोतवाली के सवंत गांव निवासी नियाज अहमद घरेलू कनेक्शन का बिल जमा करने 19 सितंबर को महिचा मंदिर उपकेंद्र गए थे। वहां बिल की 25 हजार रुपये रकम उसने टीजी-2 ओमप्रकाश मौर्या के हाथों में देते हुए वीडियो बना लिया।

    टीजी-2 ने बिल की रकम विभाग में जमा करने के बजाय खुद खर्च कर डाली। अक्टूबर का बिल घर पहुंचने पर टीजी-2 का खेल उजागर हो गया। इसके बाद नियाज ने बिजली अधिकारियों से मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    इसके बाद भी उपभोक्ता का बिल नहीं जमा किया गया तो शुक्रवार को मामले का वीडियो इंटरनेट पर प्रचलित कर दिया। प्रचलित वीडियो का संज्ञान लेकर अधिशासी अभियंता महावीर सिंह ने कहा कि टीजी-2 को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद संविदा कर्मियों में खलबली मच गई है।

    ‘इंटरनेट में प्रचलित वीडियो का संज्ञान लेकर टीजी-2 को निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण की जांच खागा उपखंड अधिकारी दीपक सिंह से कराई गई है। रिपोर्ट में टीजी-2 दोषी सिद्ध हुआ है, इसके बाद साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की गई है।’
    -महावीर सिंह, अधिशासी अभियंता खागा

    इनके खिलाफ हुई कार्रवाई

    • बिजली विभाग के प्रथम एसडीओ प्रेमचंद्र यादव और उनके मुंशी अतुल को विजिलेंस टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
    • बेरूईहार बिजली घर में तैनात बिजली कर्मी का 17 अगस्त को रिश्वत लेते हुए वीडियो प्रचलित हुआ था। अधिकारियों ने मामले में जांच कराने की बात कही थी।
    • चौडगरा कस्बे में 23 मई को 15 हजार की रिश्वत रंगे हाथों लेते हुए विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार की धाराओं में पुलिस थाने में मुकदमा कराकर जेल भेजा गया।