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    मौरंग परिवहन में वसूली मामले में ARTO पुष्पांजलि मित्रा गौतम निलंबित, STF ने कराई थी FIR

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:00 PM (IST)

    फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को मौरंग परिवहन में वसूली, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। विशेष सचिव ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के विशेष सचिव खेमपाल सिंह ने फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।

    इनके खिलाफ 12 नवंबर को रायबरेली जिले के लालगंज थाने में एसटीएफ लखनऊ ने मौरंग परिवहन में गैंग बनाकर वसूली, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

    मुकदमे के आधार पर 28 नवंबर को परिवहन आयुक्त ने निलंबन की संस्तुति विशेष सचिव परिवहन को भेजी थी। अब विशेष सचिव ने निलंबन के साथ अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उप परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति को जांच अधिकारी बनाया है।

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    लालगंज थाने में दर्ज मुकदमे में 11 लोगों को नामजद किया गया था। फतेहपुर जिले में एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनके चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी व उनके चालक अशोक तिवारी के नाम थे। पीटीओ को रिटायरमेंट के एक दिन पहले निलंबित कर दिया था, जबकि दोनों चालक अब तक फरार हैं।

    अब मुकदमा दर्ज होने के 48 दिन बाद एआरटीओ पर कार्रवाई की गई है। बता दें एआरटीओ मुकदमे में नामित होने के बाद 13 नवंबर को मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं, लेकिन हाईकोर्ट से गिरफ्तारी की अग्रिम जमानत मिलने पर 28 नवंबर को पुन: जिले में ज्वाइन कर कामकाज संभाल लिया था।

    तब से वह लगातार ड्यूटी पर हैं। निलंबन के बावत एआरटीओ ने कहा कि उन्हें अभी तक इस तरह का कोई आदेश नहीं मिला है। आरटीओ प्रयागराज हिमेश तिवारी ने बताया कि अब तक उन्हें भी इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है।

    बता दें कि एसटीएफ ने चोरी की मौरंग परिवहन कराने का एक मुकदमा 12 नवंबर को फतेहपुर के थरियांव थाने में दर्ज कराया गया था, जिसमें कुल छह लोगों को नामित किया गया था। इसमें लोकेशनबाज धीरेंद्र सिंह, चालक विक्रम सिंह को जेल भेज दिया गया है, जबकि खनन अधिकारी के गनर को भी लाइनहाजिर कर दिया गया।

    इस मुकदमे में एआरटीओ के चालक बबलू पटेल व मुकेश पता अज्ञात अब तक फरार हैं। वहीं, खनन अधिकारी देशराज सिंह भी नामित हैं, लेकिन वह अपने पद पर सेवाएं दे रहे हैं। निलंबन की कार्रवाई पर एआरटीओ ने कहा कि उनको अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।