कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर चार की मौत: बेटे की अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे माता-पिता, डंपर से टकराई कार
Fatehpur Accident कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर भीषण हादसा हुआ है। तेज रफ्तार अर्टिगा कार सुजानीपुर चौराहे के पास खड़े डंपर में पीछे से घुस गई। हादसे में कार सवार दंपती समेत चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डंपर चालक मौके से फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। Fatehpur Accident: कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शनिवार तड़के पांच बजे करीब तेज रफ्तार अर्टिगा कार सुजानीपुर चौराहे के समीप खड़े डंपर में पीछे से घुस गई। हादसे में कार सवार दंपती समेत सभी छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला।
अस्पताल में चिकित्सक ने दंपती समेत चार को मृत घोषित कर दिया। एक महिला व 12 वर्षीय किशोर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डंपर लेकर चालक मौके से भाग निकला है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
प्रयागराज जा रहे थे कार सवार
झांसी शहर के दीनदयाल नगर निवासी 55 वर्षीय रामकुमार शर्मा, इनकी पत्नी 50 वर्षीय कमलेश भार्गव, रिश्तेदार 35 वर्षीय शुभम पुत्र विश्राम निवासी गुरुसरायं झांसी, 50 वर्षीय पराग चौबे, चारू पत्नी आदित्य भार्गव तथा 12 वर्षीय काश्विक सभी लोग कार से प्रयागराज जा रहे थे। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार जा रही थी। तभी सुजानीपुर चौराहे के समीप स्थित हनुमान मंदिर के सामने खड़े डंपर में पीछे से घुस गई।
तेज आवाज सुनकर दौड़े लोग
तेज आवाज सुनकर चाय-नाश्ता की दुकान खोले सुरेश तथा इनकी पत्नी जागे और भाग कर मौके पर गए। हादसे की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। डंपर चालक ने हादसा देखा तो वाहन लेकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने राहगीरों की मदद से कार सवारों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सीएचसी में चिकित्सक ने रामकुमार, इनकी पत्नी कमलेश भार्गव, रिश्तेदार शुभम तथा पराग चौबे को मृत घोषित कर दिया। चारू तथा 12 वर्षीय काश्विक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बेटे की अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे माता-पिता
हादसे में दिवंगत रामकुमार व कमलेश भार्गव, अपने बेटे आदित्य भार्गव की अस्थियां विसर्जित करने संगम प्रयागराज जा रहे थे। एक रिश्तेदार ने बताया कि आदित्य, ओंकारेश्वर में नदी स्नान करते समय डूब गया था। 12 अप्रैल को डूबे बेटे का शव 17 अप्रैल को मिला था। उसका अंतिम संस्कार करने के बाद स्वजन, अस्थियां लेकर संगम प्रयागराज जा रहे थे।
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