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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1.08 करोड़ की ठगी करने वाला गिरफ्तार, मकान मालिक के निरक्षर होने का उठाया था नाजायज फायदा

Published: Tue, 11 Feb 2025 02:03 AM (IST)Updated: Tue, 11 Feb 2025 04:30 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जहां आरोपी सत्यपाल ने पीड़ित राजकुमार ...और पढ़ें

पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी सत्यपाल। जागरण
पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी सत्यपाल। जागरण

जागरण संवाददाता, इटावा। धोखाधड़ी करके एक करोड़ 8 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को वैदपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित के निरक्षर होने का नाजायज फायदा उठाया था।

यह है पूरा मामला

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि राजकुमार पुत्र बालादीन निवासी विचपुरी थाना वैदपुरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्हाेंने अपनी चार बीघा जमीन, मकान व चार दुकानें अपने किरायेदार सत्यपाल पुत्र जैसीराम की राय से 1.08 करोड़ रुपये में बेच दी थी। 

राजकुमार पढ़े लिखे नहीं है, केवल हस्ताक्षर ही कर पाते हैं, किरायेदार सत्यपाल ने नौ नवंबर 2015 को एचडीएफसी बैंक शाखा वैदपुरा में उनका खाता खुलवाया तथा धोखे से खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराकर चेकबुक एवं पासबुक अपने पास रख ली। 

राजकुमार ने जमीन विक्रय के 41 लाख रुपये अपने खाते में जमा किए। शेष रुपये सत्यपाल सिंह द्वारा ही नकद ले लिए। उसके उपरांत सत्यपाल द्वारा षड्यंत्र के तहत कूटरचित रचना करके चेक, एटीएम एवं मोबाइल से राजकुमार के खाते से सारा धनराशि निकाल ली गई।

जांच में खुला राज

अभियोग की विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि सत्यपाल सिंह द्वारा राजकुमार को झांसे में लेकर पिता-पुत्र का नाता बनाकर उससे उसकी चार बीघा जमीन चार दुकानें व एक घर को बिक्री कर करीब 1.08 करोड़ रुपये, जिसमें से 27 लाख राजकुमार के अकाउंट से सीधे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराए तथा करीब 13 लाख रुपये एटीएम व आनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से तथा करीब 68 लाख रुपये नकद (दूसरी जगह पर जमीन दिलाने के एवज में) हड़प लिए।

पुलिस ने वांछित सत्यपाल पुत्र जैसीराम निवासी नगला खंदारी थाना सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद को छिमारा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।

सत्यपाल ने बताया कि उसने राजकुमार की दुकान किराये पर लेकर खाद बीज विक्रय का कार्य किया था। उनके ऊपर काफी कर्जा हो गया था, जिसके चलते उसने राजकुमार को भरोसे में लेकर उसकी जमीन व मकान व दुकानों को बिक्री कर दूसरी जगह अच्छी जमीन देने का झांसा देकर विक्रय कराया था।

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