दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात कराने के मामले में पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को थमाया नोटिस, अबॉर्शन से संबंधित सभी दस्तावेज किए तलब
जसवंतनगर की एक दुष्कर्म पीड़िता ने कोर्ट में गर्भपात का खुलासा किया, जो मैनपुरी के एक निजी अस्पताल में हुआ था। पुलिस ने अस्पताल को नोटिस जारी कर सभी द ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, इटावा। जसवंतनगर थाना क्षेत्र की एक दुष्कर्म पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयानों में खुलासा किया है कि उसका गर्भपात कराया गया था। आपरेशन मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर गर्भपात से जुड़े सभी दस्तावेज और विवरण तलब किए हैं।
पुलिस का नोटिस जारी होने के बाद रविवार सुबह करीब नौ बजे उक्त अस्पताल का प्रबंधक पीड़िता के घर पहुंच गया। आरोप है कि उसने पीड़िता पर कुछ स्टांप पेपरों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया। पीड़िता ने हस्ताक्षर करने से साफ इन्कार करते हुए पुलिस को बुलाने की बात कही, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधक मौके से भाग गया। इस घटना से पीड़िता और उसका परिवार दहशत में आ गया है।
मामले को गंभीर बताते हुए एसएसपी से की शिकायत
पीड़िता के अधिवक्ता कुलदीप सिंह एडवोकेट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए एसएसपी से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में अस्पताल की भूमिका संदिग्ध है और यह भ्रूण हत्या जैसा गंभीर अपराध बनता है। अधिवक्ता का कहना है कि गर्भपात से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही दुष्कर्म पीड़िता की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को ठोस कदम उठाने चाहिए। मामले की विवेचना कर रहे एसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि करहल थाना क्षेत्र के संबंधित अस्पताल के प्रबंधक को नोटिस भेजा गया है।
नोटिस में गर्भपात से संबंधित सभी मेडिकल प्रपत्र, आपरेशन करने वाले डाक्टर और उसकी टीम के नाम, इलाज से जुड़े रिकार्ड और सहमति पत्र की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना विवाहिता महिला के गर्भपात के लिए किस व्यक्ति की सहमति ली गई थी, इसका विवरण भी तलब किया गया है।

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