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    एटा में कड़ाके की ठंड का कहर: सेवानिवृत्त दरोगा समेत दो की मौत, अस्पतालों में मरीजों की भीड़

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 07:51 AM (IST)

    एटा में कड़ाके की ठंड से दो लोगों की मौत हो गई है। रिजोर क्षेत्र के सिंगपुर गांव में एक सेवानिवृत्त दरोगा की हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई, जबकि अलीग ...और पढ़ें

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    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, एटा जनपद में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई दिनों से सूरज के दर्शन नहीं होने से ठिठुरन और गलन का असर और तेज हो गया है। शनिवार को ठंड के चलते दो लोगों की मौत हुई है। ठंड बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। न्यूनतम तापमान एक डिग्री सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी दो डिग्री की गिरावट के साथ 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण सुबह और देर शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

    रिजोर क्षेत्र के गांव सिंगपुर में रिटायर्ड दरोगा की गई है जान

    रिजोर क्षेत्र के गांव सिंगपुर निवासी विशेष चंद्र यादव 62 वर्ष की शनिवार सुबह छह बजे मौत हुई है। स्वजन ने बताया कि दो वर्ष पहले ही पुलिस में दारोगा पद से सेवानिवृत्त हुए थे, तब से रोज की तरह सुबह उठकर स्नान करने के बाद गांव में खुद बनाए मंदिर पर पूजा करते आ रहे थे। शनिवार को भी सुबह पूजा करने के लिए मंदिर गए, यहां पर ठंड की वजह से हृदयघात होने से गिर गए। मंदिर पहुंचे अन्य श्रद्धालुओं ने जमीन पर पड़ा देखा तो मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    अलीगंज में मानसिक दिव्यांग की ठंड से थम गई सांसें

    अलीगंज नगर में मानसिक रूप से दिव्यांग रवि कुमार 25 वर्ष की मौत हुई है, वह नगर में ही एक दुकान के सामने ही लेटता था, शुक्रवार रात खंले में ही लेटा था। यहां उसका शव शनिवार की सुबह नौ बजे मिला। डाक्टरों ने ठंड की वजह से मौत होने की बात कही है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम खासा परेशानी भरा साबित हो रहा है।

    ठंड का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर

    ठंड का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को करीब 2000 लोगों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। टीबीसीडी एवं जनरल ओपीडी में लगभग 800 मरीज पहुंचे। इनमें से करीब 100 मरीज सांस, दमा और अस्थमा जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित पाए गए। इसके अलावा सर्दी-जुकाम, बुखार, बदन दर्द और गले में खराश के मरीजों की भी बड़ी संख्या रही।

    सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ सांस संबंधी रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने, सुबह-शाम बाहर निकलने से परहेज करने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

    अभी ठंड कम होने का नहीं है आसार

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने को कहा है।