Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    पेयजल परियोजना में लापरवाही पर 51 लाख का जुर्माना, अलीगंज में मई 2026 तक पूरा करने का आदेश

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:36 PM (IST)

    अलीगंज नगर में जल जीवन मिशन के तहत चल रही 24 करोड़ की पेयजल परियोजना में देरी और धीमी प्रगति पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्माण कार्य कर रही विद्य ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, एटा। जल जीवन मिशन के तहत अलीगंज नगर में चल रही पेयजल परियोजना में लापरवाही बरतने पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तय समय सीमा में कार्य पूरा न होने और निर्माण की धीमी प्रगति पर निर्माण कार्य कर रही संस्था विद्युत जैन कंस्ट्रक्शन, लखनऊ पर 51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। परियोजना को हर हाल में मई 2026 तक संचालित करने को कहा गया हैं।

    अलीगंज नगर में 24 करोड़ की योजना तय समय पर पूरी न होने पर कार्रवाई

    करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य नगर क्षेत्र में घर घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंक, 10 नलकूप और लगभग 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है। परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। नलकूपों और ओवरहेड टैंकों के निर्माण की गति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

    मई 2026 तक हर हाल में परियोजना चालू करनी होगी

    जल निगम नगरीय क्षेत्र की ओर से निर्माण संस्था को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मामला शासन स्तर पर पहुंचा। समीक्षा में कार्य में लापरवाही और शिथिलता की पुष्टि होने पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। शासन से मुख्य सचिव जल संसाधन द्वारा भेजे पत्र में जलनिगम के अधिकारियों को कहा गया है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    अधीक्षण अभियंता जलनिगम शहरी क्षेत्र अलीगढ सुनील कुमार ने कहा है परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा न करने पर आगे और कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी सैय्यद तारिक अली ने बताया कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण कंस्ट्रक्शन फर्म पर 51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब परियोजना को मई 2026 तक पूरा कर संचालन शुरू कराना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद नगर के लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिल सकेगा।