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    एटा में ठंड का कहर जारी: सर्दी में सांस उखड़ने से बुजुर्ग की मौत, अस्पतालों में बढ़े मरीज

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:06 PM (IST)

    एटा में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है, जहां 70 वर्षीय रोशनलाल की सांस उखड़ने से मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ठंड संबंधी बीमारियों के पांच अन ...और पढ़ें

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    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, एटा। जनपद में पड़ रही कड़ाके की ठंड लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। ठंड की चपेट में आकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और ठंड लगने की शिकायतों के चलते पांच अन्य मरीजों को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। बीते तीन दिनों से तापमान में कोई खास बदलाव न होने के बावजूद ठंडी हवाओं और नमी के कारण गलन भरी ठिठुरन बनी हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित है।

    तापमान स्थिर, लेकिन ठंडी हवाओं से गलन भरी ठिठुरन बरकरार


    शहर के मुहल्ला लालपुर निवासी 70 वर्षीय रोशनलाल की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार ठंड के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत और घबराहट होने लगी। हालत गंभीर होने पर स्वजन उन्हें मेडिकल कालेज की इमरजेंसी लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मेडिकल कालेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
    स्वजनों का कहना है कि रोशनलाल को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और ठंड के कारण अचानक सर्दी लगने से उनकी तबीयत बिगड़ी। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक ठंड बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

    इमरजेंसी में बढ़े मरीज, एक आगरा रेफर


    मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में बीते 24 घंटों के दौरान ठंड से जुड़ी बीमारियों के चलते पांच मरीजों को भर्ती किया गया है। रविवार शाम तीन बजे मलावन क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी 50 वर्षीय उदयवीर सिंह को बीपी कम होने और ब्रेन हैमरेज की शिकायत पर इमरजेंसी लाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया।

    दूध देकर लौटने के बाद अलाव पर बैठे थे


    स्वजनों ने बताया कि उदयवीर सिंह सुबह तक पूरी तरह स्वस्थ थे। दूध देकर लौटने के बाद अलाव के पास बैठे थे, तभी अचानक तबीयत खराब हो गई। निजी चिकित्सक के यहां इलाज के बाद भी सुधार न होने पर मेडिकल कालेज लाया गया।
    इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत पर निर्मल (60) निवासी मैनगंज, रवि अहमद (45) निवासी इस्लामपुर पटियाली गेट, रक्षा देवी (60) निवासी डांडा गंगनपुर, हरवीर सिंह (45) निवासी चुन्नूपुरा कोतवाली देहात और राजेंद्र सिंह (65) निवासी शांति नगर को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।सीएमएस डा. सुरेश चंद्रा ने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक, सांस संबंधी रोग और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और किसी भी परेशानी पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी।

    ठंडी हवाओं से राहत नहीं, ठिठुरन कायम

    मौसम की बात करें तो पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान सात डिग्री और अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तापमान स्थिर रहने के बावजूद ठंडी हवाओं और नमी के कारण गलन भरी ठिठुरन बनी हुई है। घना कोहरा कम जरूर हुआ है, लेकिन बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल पा रही, जिससे ठंड का असर दिनभर बना रहता है। ठंड का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों, गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है।


    गेहूं के लिए मौसम ठीक

    गेहूं की फसल के लिए कड़ाके की ठंड तो अनुकूल है, लेकिन अत्यधिक नमी और धूप की कमी नुकसानदेह साबित हो सकती है। सर्दी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कस्बा के किसान वीर पाल सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने का असर सब्जियों के दामों पर भी साफ नजर आ रहा है। टमाटर जो पहले 30 से 40 रुपये किलो बिक रहे थे, अब 80 रुपये से ऊपर पहुंच गए हैं। अन्य सब्जियों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।