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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Deoria Murder Case: नरसंहार के बाद प्रशासन हुआ सख्त, अब तक नौ लोगों के असलहे का लाइसेंस निरस्त; इन पर हुई कार्रवाई

By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 18 Oct 2023 05:26 AM (IST)

देवरिया हत्याकांड के बाद से ही प्रशासन की कार्रवाई सख्त हो गई है। मंगलवार को गांव के नौ लोगों के ...और पढ़ें

गांव के तीन लोगों का दो दिन पहले ही असलहे का लाइसेंस हो चुका है निरस्त
गांव के तीन लोगों का दो दिन पहले ही असलहे का लाइसेंस हो चुका है निरस्त

HighLights

  1. फतेहपुर के 17 लोगों का लाइसेंस किया जाना है निरस्त
  2. गांव के तीन लोगों का दो दिन पहले ही असलहे का लाइसेंस हो चुका है निरस्त
  3. फतेहपुर ग्राम पंचायत में अभी तक 27 लोगों के पास असलहे का लाइसेंस रहा है।

जागरण संवाददाता, देवरिया। रुद्रपुर के फतेहपुर लेहड़ा में हुए नरसंहार के बाद से ही प्रशासन की कार्रवाई सख्त हो गई है। मंगलवार को गांव के नौ लोगों के असलहे का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। अब इनके निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। फतेहपुर ग्राम पंचायत में अभी तक 27 लोगों के पास असलहे का लाइसेंस रहा है।

इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए

घटना के बाद से ही मृतक प्रेमचंद यादव समेत 17 लोगों के असलहे का लाइसेंस निरस्त करने के लिए चिन्हित किया गया है। मंगलवार को मृतक प्रेमचंद यादव, उमेश यादव, कन्हैया, निशांत, रामनगीना, चंद्रप्रकाश, कमलेश, सुरेन्द्र व शारदा के असलहे के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और उन्हें नोटिस दिया गया है।

निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी

इसके बाद जिलाधिकारी के यहां इसकी सुनवाई होगी। जिसके बाद इनके निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। जबकि अभयनाथ यादव, अनिरुद्ध यादव व गेंदा लाल यादव का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।

मुख्य हत्यारोपित के पास बरामद हुआ था हथियार

यह वीडियो सामने आने के पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। प्रेमशीला ने वीडियो में कहा है कि पुलिस ने रायफल मांगा तो मैंने घर से निकालकर पुलिस को सौंप दिया। उधर, पुलिस ने दावा किया था कि रायफल मुख्य हत्यारोपित नवनाथ मिश्र के पास से बरामद किया है।

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इस वजह से हुआ था विवाद

घर के पड़ोस में रहनी वाली एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि पहले सत्यप्रकाश दुबे व प्रेमचंद यादव के बीच बातचीत हो रही थी। पहले सागौन के पेड़ व मकान को लेकर विवाद होने लगा। इसी दौरान प्रेमचंद ने पैतृक भूमि में ज्ञानप्रकाश के हिस्से का मामला उठाया था। जिसको लेकर विवाद और बढ़ गया।

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सत्यप्रकाश की इस बात से आगबबूला हुआ दबंग प्रेमचंद

प्रेमचंद को सत्यप्रकाश ने सागौन और मकान की भूमि का हिस्सा देने से साफ इनकार कर दिया। यह सुनकर प्रेमचंद आगबबूला हो गया। उसने सत्यप्रकाश को थप्पड़ जड़ दिया। सत्यप्रकाश के विरोध करने पर पांच छह और थप्पड़ गाल पर जड़े। सत्यप्रकाश के शोर मचाने पर स्वजन बाहर आए। धक्की-मुक्की में प्रेमचंद ईंट पर गिर गया।