देवरिया में लेखपाल का शव घर पर पहुंचते ही मचा कोहराम, मुआवजे के बिना अंतिम संस्कार से इनकार
देवरिया में लेखपाल आशीष कुमार का शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। लेखपाल संघ ने मुआवजे और नौकरी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। समाजवादी पार्टी समेत कई दलों ने सहायता की मांग की। अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन परिजन डीएम को बुलाने पर अड़े रहे।

जागरण संवाददाता, देवरिया। लेखपाल आशीष कुमार का शव रविवार तड़के जब घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। लार थाना क्षेत्र के धनगड़ा ग्राम पंचायत के बरवा टोला में उनके दरवाजे पर भीड़ उमड़ पड़ी। लेखपाल संघ ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे। सहायता मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। शव भोर में करीब चार बजे गांव पहुंचा था और दोपहर पौने दो बजे तक घर के दरवाजे पर ही पड़ा रहा। मान-मनौव्वल का दौर लगातार जारी रहा।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संकट मोचन चतुर्वेदी व तहसील अध्यक्ष लकमुद्दीन ने एसआइआर में लेखपालों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध करते हुए एसडीएम से लिखित आश्वासन मांगा। एसडीएम द्वारा लिखित देने से मना किए जाने पर लेखपाल उग्र हो गए।
इस बीच समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, समानता दल, माकपा समेत कई दलों के नेताओं ने स्वजन को तत्काल सरकारी सहायता देने की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे सपा सांसद रमाशंकर राजभर व सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने पार्टी फंड से दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
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वहीं एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह, एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम बरहज विपिन कुमार द्विवेदी, अवधेश निगम सहित कई अधिकारी स्वजन को समझाने में जुटे रहे। परिजन व लेखपाल संगठन डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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