Diwali 2026: चित्रकूट में छोटी दीपावली पर शाम ढलते ही उमड़े श्रद्धालु, दीपदान से जगमगाया रामघाट मंदाकिनी तट
छोटी दीपावली पर चित्रकूट के रामघाट और मंदाकिनी तट श्रद्धालुओं से जगमगा उठे, जहाँ लाखों भक्तों ने दीपदान किया। मध्य ...और पढ़ें

रामघाट पर दीपदान करते श्रद्धालु। जागरण
HighLights
छोटी दीपावली पर चित्रकूट में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
रामघाट और मंदाकिनी तट दीपदान से हुए आलोकित।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरतघाट पर किया पूजन दीपदान।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। दिनभर अपेक्षाकृत कम भीड़ के बाद जैसे ही शनिवार को छोटी दीपावली की शाम ढली, धर्मनगरी चित्रकूट श्रद्धालुओं से गुलजार हो उठी। मंदाकिनी नदी के तट और रामघाट पर दीपों की कतारें सजने लगीं तो पूरा क्षेत्र दीपों की जगमग रोशनी से आलोकित हो गया।
गोधूलि बेला में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान कर घी और तेल के दीप जलाए और सुख-समृद्धि की कामना की। दीपदान के इस उल्लास में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने भरतघाट पहुंचकर मंदाकिनी का पूजन किया और दीपदान किया। दीपों की रोशनी, घंटा-घड़ियाल और श्रद्धालुओं की आस्था से तपोभूमि का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धनतेरस और नरक चतुर्दशी के दिन सुबह से दोपहर तक मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन शाम होते ही रामघाट, मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भीड़ बढ़ने लगी। श्रद्धालुओं ने पहले मंदाकिनी में डुबकी लगाई और फिर घाटों पर दीपदान किया। दीपों की छटा से नदी का तट आध्यात्मिक आभा से दमक उठा।
श्री चित्रकूटधाम तीर्थ विकास परिषद की ओर से पिछले चार वर्षों से दीपदान मेले की भव्यता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बार चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन से रामघाट और कामदगिरि तक प्रमुख स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। एलईडी तोरण द्वार और प्रमुख चौराहों की सजावट ने रात में भी दिन जैसा नजारा प्रस्तुत किया।
रोशनी से सजे मार्गों और घाटों पर श्रद्धालु दीपदान के साथ धार्मिक स्थलों के दर्शन करते रहे। डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। एडीएम चंद्रशेखर, स्वप्निल कुमार यादव, डॉ. कंचन वर्मा, एसडीएम सदर अजय कुमार यादव, एएसपी पीयूष कांत राय और सीओ सत्येंद्र सिंह सहित अधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे।
आज मुख्य स्नान और दीपदान, कल से गधा मेला
रविवार को अमावस्या पर मुख्य स्नान और दीपदान होगा। अमावस्या दो दिन होने के कारण सोमवार को भी दीपदान की परंपरा निभाई जाएगी। मेले में इस बार करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। सोमवार से पारंपरिक गधा मेला भी शुरू होगा। मान्यता है कि लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम के चित्रकूट आगमन पर माता सीता ने अमावस्या की रात दीपमालिका से पूरे क्षेत्र को प्रकाशित किया था। तभी से यहां दीपदान की परंपरा चली आ रही है।
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