चंदौली में 1760 हेक्टेअर में होगी चने की खेती, कृषि विभाग ने उत्तम प्रजाति के बीजों को मंगाया
चंदौली जिले में चने की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने उत्तम प्रजाति के बीजों को मंगाया है। यह बीज किसानों को वितरित किए जाएंगे ताकि क्षेत्र ...और पढ़ें

चंदौली, जागरण संवाददाता। Agriculture Department has ordered seeds of good varieties : धान के कटोरे में कृषि विभाग की ओर से रबी के चालू सीजन में 1760 हेक्टेअर में चने की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फसल उत्पादन 2.745 एमटी व उत्पादकता 15.60 क्विंटल प्रति हेक्टेअर रखी गई है। विभाग की ओर से किसानों में बीज के वितरण के लिए जीएनजी -2144 प्रजाति का सौ क्विंटल बीज मंगाया गया है। बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा हो सके।
कृषि प्रधान जनपद में खरीफ सीजन में औसत से कम बारिश के कारण धान की खेती पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। मैदानी क्षेत्रों में निजी साधन व नहरों के सहारे किसानों ने धान की खेती की, लेकिन पहाड़ी इलाकों में पचास फीसदी से ऊपर खेत परती ही रह गए। ऐसे में विभाग की ओर से किसानों को जौ, चना व सरसों की खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सके। इसके मद्देनजर विभाग की ओर से चना की उत्तम प्रजाति जीएनजी -2144 किसानों में वितरण के लिए सौ क्विंटल मंगाई गई है। विभाग की मानें तो 96 क्विंटल बीज का उठान हो गया है। जल्द ही किसानों को राजकीय बीज गोदामों पर बीज उपलब्ध करा दिया जाएगा।
कम पानी की फसल से लाभ
जनपद के चकिया, नौगढ़ , शिकारगंज, वनगावां आदि पहाड़ी इलाकों में चने की खेती किसानों के लिए लाभप्रद साबित होगी। कारण पानी की कमी का फसल पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे किसानों को आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। वहीं जौ, सरसों की भी खेती कर किसान नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।
बोले अधिकारी
चने की खेती के लिए सौ क्विंटल बीज की डिमांड की गई है। बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को लाभ मिलेगा। - बसंत कुमार दूबे, जिला कृषि अधिकारी।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।