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    सर्दी बढ़ा रही जोड़ों के साथ-साथ शरीर के कई और दर्द, बचाव के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान

    By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:53 PM (IST)

    सर्दी बढ़ने के साथ गठिया, पुरानी चोट और यूरिक एसिड का दर्द बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में दिनचर्या और खानपान में बदलाव लाना चाहिए। गर् ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक फोटो

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। सर्दी बढ़ने के साथ-साथ गठिया, पुरानी चोट और यूरिक एसिड जैसा दर्द अपना असर परेशान करने लगता है। सुबह या अधिक ठंड में उनके लिए चलना भी मुश्किल होता है। ऐसे में रोगियों को सर्दी के मौसम में दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिए। खाने-पीने में शरीर को अधिक उर्जा देने वाले चीजें लें। गर्म पानी पिएं। साथ ही गर्म पानी थैली में भरकर सिकाई करते रहें। मेडिकल कालेज की सहायक प्रोफेसर व वरिष्ठ फिजिशियन प्रीति सिंह का कहना है कि गठिया के रोगियों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। दर्द वाले हिस्से में सूजन पर चिकित्सक को दिखाएं। हो सके तो ठंड के समय दवाई लेते रहें।

    ठंड में जोड़ों और मांसपेशियों में बढ़ जाता है दर्द: डा. पवन चौधरी

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    न्यूरो फिजियोथेरेपिस्ट डा. पवन चौधरी कहते हैं कि ठंड के मौसम में जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द बढ़ जाता है। ठंडे मौसम के कारण तंत्रिका तंत्र शरीर में परिवर्तन लाता है। जिससे मांसपेशियां सिकुड़ती हैं। सर्दियो में तमाम उपाय कर दर्द से छुटकारा पा सकते है या समस्या को कम कर सकते हैं। ऐसे में गरम पानी की थैली से हल्की सिकाई करे।
    नियमित रूप से स्ट्रैचिंग और हल्का व्यायाम करें। गरम कपड़ें पहने। इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं। दर्द के समय झुककर बैठने से बचें। आफिस का काम करते समय अच्छे सपोर्ट वाली कुर्सी का इस्तेमाल करें। हल्के गरम पानी से नहाएं। पुरानी चोट में दर्द उभरने, नसों व मांसपेशियों में खिंचाव से दर्द होने पर फिजियोथेरेपिस्ट से एक्साइज कराएं। दर्द बढ़ने पर चिकित्सक को दिखाकर दवाई भी ले सकते हैं।

    गठिया और चोट के दर्द में ठंड में अधिक परेशानी: डा. प्रीति सिंह

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    वरिष्ठ फिजिशियन डा. प्रीति सिंह के अनुसार गठिया और चोट के दर्द के अक्सर ठंड में अधिक परेशान करता है। सूजन आने पर यह समस्या को बढ़ा देता है। इसलिए एंटी आक्सीडेंट से युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करें। ऐसे खाद्य पदार्थ लें, जो शरीर की उर्जा बढ़ाते हैं। इसमें मुख्य तौर पर हल्दी, अदरक, जामुन, पत्तेदार सब्जियां, ड्राइ फूड, अलसी, और खट्टे फल ले सकते हैं।

    मांस का सेवन करने वाला व्यक्ति मछली ले सकते हैं। संतुलित आहार के क्रम में दालें, साबुत अनाज और दालचीनी ले सकते हैं। पुरानी चोट या दर्द संबंधित बीमारी वाले रोगी को गर्म कपड़े पहनने चाहिए। उस स्थान को ढक कर रखें। जिससे ठंड अपना प्रभाव न दिखाएं। सूजन या दर्द बढ़ने पर चिकित्सक को आवश्यक दिखाएं। अधिक समस्या होने पर जांच कराकर दवाई नियमित लें।