Bijnor News : आबादी में गुलदार की दस्तक, गलियों में घूम रहा, एएमयू की टीम का सर्वे चौंकाने वाला
बिजनौर जिले के कई क्षेत्रों में गुलदार का आतंक है। वहां गुलदार गलियों में घूम रहे हैं। बढ़ापुर कस्बे के मुहल्ला नौमी में रात के समय का गुलदार का गलियों में घूमने का वीडियो वायरल हो रहा है। उधर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की टीम भी गुलदार को लेकर सर्वे कर रही है। टीम ने पाया कि गुलदारों ने गांवों में घरों के आसपास अपना प्राकृतिक आवास बना लिया है।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। गांवों में घरों तक गुलदारों का प्राकृतिक आवास बन चुका है। शासन के निर्देश पर सर्वे कर रही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की टीम ने भी माना है कि किसानों ने घरों के एकदम पीछे और सामने तक गन्ने की खेती हो रही है। टीम किसानों से गन्ने की खेती के बजाए घरों के पास सब्जी की खेती करने को कहा जा रहा है।
गुलदार का कुनबा गन्ने के खेतों में बढ़ा
गुलदारों का कुनबा गन्ने के खेतों में बढ़ता ही जा रहा है। वन विभाग के आंकड़ों में भी तीन साल में केवल बिजनौर वन प्रभाग में ही गुलदारों की संख्या 199 से बढ़कर 287 तक पहुंच गई है। आज के समय मे शायद ही कोई क्षेत्र हो जहां पर गुलदार न दिखाई दे रहे हों। गन्ने के खेत गुलदारों को बहुत रास आ रहे हैं।
किसानों को किया जा रहा जागरूक
गुलदारों से बचने के लिए किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ना बोने को जागरूक किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की टीम जिले में गुलदारों के स्वभाव और इनके हमलों को कम करने से जुड़ा सर्वे कर रही है। टीम उन गांवों में जा रही है जहां पर गुलदार ने गांवों के पास या अंदर आकर किसी को मारा हो। इन गांवों में ये बात सामने आ रही है कि किसानों ने घर के एकदम पीछे और घर के सामने गन्ने की फसल बो रखी है। यानी घरों तक ही गुलदार के छिपने की जगह है।
सभी गुलदार करते हैं शिकार
विशेषज्ञों के अनुसार सभी गुलदार शिकारी होते हैं और उन्हें शिकार के लिए बस एक मौके का ही इंतजार होता है। महिलाएं, बूढ़े और बच्चे गुलदार के लिए बहुत आसान शिकार हैं। ऐसे में यह मानना कि सभी गुलदार मनुष्यों पर हमला नहीं करते, गलत है। मौका मिलने पर कोई भी गुलदार हमलावर हो सकता है।
खेतों में छिपने में माहिर होता है गुलदार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के टीम लीडर डा. शिवंक चौहान कहते हैं कि गुलदारों खेतों में छिपने में माहिर होता है। गन्ने की फसल छिपने में सबसे ज्यादा मुफीद है। गुलदार द्वारा मनुष्य को मारने वाले कई गांवों में घरों के पीछे और सामने भी गन्ने के खेत मिले हैं। किसानों को घरों के आसपास कम से कम 100 मीटर तक गन्ने की फसल नहीं बोनी चाहिए।
किसानों को खेतों में संभलकर जाने की सलाह
सहायक वन संरक्षक ज्ञान सिंह कहते हैं किसानों को खेतों में संभलकर काम करने व बच्चों को खेतों में न ले जाने के लिए सचेत किया जा रहा है। वन विभाग की टीम इसके लिए लगातार अभियान चला रही है।
गुलदार का गलियों में घूमने का वीडियो वायरल
बढ़ापुर कस्बे के मुहल्ला नौमी में रात के समय का गुलदार का गलियों में घूमने का वीडियो वायरल हो रहा है मुहल्लेवासियों का कहना है कि आबादी में गुलदार की दस्तक से लोगों में भय बना हुआ है। गुलदार मुहल्ले के कई आवारा कुत्तों को उठा ले गया है वीडियो में गुलदार एक घर में भी घुसने का प्रयास कर रहा है वही पास के गुल्लू के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में गुलदार के घूमने की वीडियो कैद हो गई। भाजपा सभासद श्याम सिंह एडवोकेट, शाजिद, नफीस, नासिर, रहमान, इमरान आदि ने वन विभाग से गुलदार को पकड़वाने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की है।
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