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हिस्ट्रीशीटर ने घर में फांसी लगाकर जान दी, शराब माफिया भी था

By Raj Kumar SharmaEdited By: Jagran News Network
Published: Wed, 01 Oct 2025 12:48 AM (IST)Updated: Wed, 01 Oct 2025 12:51 AM (IST)

- हत्या जानलेवा हमला

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हिस्ट्रीशीटर ने घर में फांसी लगाकर जान दी, शराब माफिया भी था

- हत्या, जानलेवा हमला समेत डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज

बिजनौर : हिस्ट्रीशीटर ने घर में सोमवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक शराब माफिया रहा है। उस पर हत्या, जानलेवा हमला, शराब तस्करी व गुंडा एक्ट समेत डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे हैं।

शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव स्वाहेड़ी निवासी 46 वर्षीय अरुण उर्फ गोपी बचपन से हल्दौर थाना क्षेत्र के कस्बा झालू के मुहल्ला चौधरियान में अपनी ननिहाल में रहता था। यहां पर ही उसने मकान बना लिया है। बाकी परिवार स्वाहेड़ी में ही रहता है। स्वजन ने बताया कि वह सोमवार देर रात झालू अपने घर पहुंचा और अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसकी पत्नी खाना खाने के लिए पूछने कमरे में गई लेकिन, अरुण ने मना कर दिया। इसके बाद पत्नी कमरे से बाहर चली गई। अरुण ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया। मंगलवार सुबह जब पत्नी ने उसे उठाने के लिए आवाज दी, तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। उसकी पत्नी उसने शोर मचाया और पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अरुण चुनरी से फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। थानाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अरुण उर्फ गोपी उर्फ टारझन एक दशक पहले सक्रिय शराब माफिया रहा। उस पर हत्या, जानलेवा हमला व शराब तस्करी समेत डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे थे। इस समय उसने अपराध से किनारा कर लिया था। शराब तस्करी छोड़ दी थी। वह अपनी पत्नी और पांच साल की बेटी के साथ ननिहाल झालू में रह रहा था। एएसपी सिटी डा. कृष्ण गोपाल ने बताया कि जांच की रही है। सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।