यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इशान का हौसला देखकर भी नहीं पसीजा दिल, छात्र के पिता को बिजलीघर कार्यालय से खाली हाथ लौटाया
साहनपुर निवासी शकील अहमद मेहनत-मजदूरी कर परिवार के लिए आजीविका कमाता है। उसके घर पर बिजली का कनेक्शन न होने ...और पढ़ें

बिजनौर, जागरण टीम। कस्बा साहनपुर में नन्हे बालक के स्ट्रीट लाइट में पढ़ने के हालात पर भी विद्युत निगम के अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा। छात्र के पिता को काफी देर बिजलीघर कार्यालय में बैठाने के बाद खाली हाथ घर लौटा दिया। वहीं, छात्र के हौसले को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं।
साहनपुर के मोहल्ला मालियान निवासी शकील अहमद मेहनत-मजदूरी कर परिवार के लिए आजीविका कमाता है। उसके घर पर बिजली का कनेक्शन न होने से कक्षा चार में पढ़ने वाला पुत्र इशान घर के सामने गली में पोल पर लगी लाइट की रोशनी में पढ़ता है। यह मामला अखबारों की सुर्खी बना और इंटरनेट मीडिया पर छाया। शनिवार को शकील साहनपुर बिजलीघर पर पहुंचा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे काफी देर तक बैठाकर रखा और बाद में घर जाकर फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही बताया कि वे शाम को घर आएंगे। शकील, उनकी पत्नी नाजमा और पूरा परिवार दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठा रहा, मगर कोई नहीं पहुंचा।<ङ्कक्चष्टक्त्ररुस्न>वहीं, वरिष्ठ सपा नेता फुरकान खां ने इशान के हौसले की सराहना करते हुए उसे नई साइकिल भेंट की। इससे पहले साहनपुर के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी पांच हजार रुपये का चेक, उपहार देने के साथ छात्र की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दे चुके हैं।
