नालियों में बह रहा बिजनौर शहर का सीवर, आखिर कब मिलेंगे कनेक्शन
Bijnor News : बिजनौर में 15 साल पहले बिछाई गई सीवर लाइन से अभी तक सभी घरों के कनेक्शन नहीं जुड़े हैं, जिससे शहर का सीवर नालियों में बह रहा है। 83.23 क ...और पढ़ें

बिजनौर में कूड़े से भरा नाला।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। नगर पालिका में करीब 15 साल पहले सीवर की समस्या के निस्तारण के लिए सीवर लाइन बिछाई गई थी, लेकिन अभी तक इस सीवर लाइन से कनेक्शन नहीं जुड़ पाया है। यही कारण है कि पिछले डेढ़ दशक से सीवर नालों में ही बह रहा है। उधर, निकायों की आबादी बढ़ने और नए क्षेत्र शामिल होने साथ ही अब 200 किमी लंबी सीवर लाइन की जरूरत है। इसके अलावा 24 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से अभी सिर्फ शहर के 18 नाले जोड़े गए है।
डेढ़ दशक पहले करोड़ों के बजट से से बिजनौर शहर में 83.23 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई गई थी। साथ ही पुरानी बैराज रोड पर 24 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया। शहर के मुहल्ल्ला खत्रियान, ब्रह्मनान, सोतियान, बाजार शंभा, चाहशीरी, काजीपाड़ा, कस्साबान, मिर्दगान, नईबस्ती, सिविल लाइन समेत कई अन्य मुहल्लों में में बिछाई गई सीवर लाइन का आम आदमी को कुछ फायदा नहीं मिला। इसका कारण सीमा विस्तार से पहले करीब 17 हजार घरों के कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं जुड़े।
पालिका प्रशासन कई बार सीवर लाइन से घरेलू कनेक्शन जोड़े जाने का प्रस्ताव शासन भेज चुका है। लेकिन अभी तक यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। शहर के इन गली-मुहल्लों के सीवर का पानी नालियों में बह रहा है। जनपद में 12 नगर पालिका है और छह नगर पंचायतें है। यहां भी सीवरेज के निस्तारण की स्थाई व्यवस्था नहीं है। छह नगर पालिकाओं में एमएलडी प्लांट लगाने के लिए प्लान जरूर तैयार किया गया है। लेकिन जमीन न मिलना और अन्य कारणों से यह योजना भी धरातल पर उतर नहीं पा रही है।
अभी नहीं सीवर लाइन बिछाने की योजना
दिसंबर 2020 में शहर की आबादी में शामिल हुए ग्राम रामपुर बकली, बख्शीवाला, फरीदपुर उद्दा, तीवड़ी, घेर रामबाग, भरत विहार, आदर्शनगर, शुगर मिल क्षेत्र में अभी सीवर लाइन नही है। अभी पालिका की इस क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने की कोई योजना है। भविष्य में इस क्षेत्र में आबादी के हिसाब से करीब 200 किमीं सीवर लाइन बिछाने की जरूरत है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित कराना होगा।
कूड़ा-करकट रोकने को नाले पर लगाए जाल
शहर में छोटे-बड़े 18 नाले हैं। इन्हें विभिन्न स्थानों पर सीवर लाइन से जोड़ा गया है, लेकिन सीवर लाइन और नालों के बीच में लोहे के जाल लगाए जा रहे है, ताकि पानी के साथ कूड़ा-करकट सीवर लाइन में ना जाए। ऐसे ही जनपद की अन्य नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी व्यवस्था की गई है। यहां भी सीवर नालों में डाला जा रहा है और अधिकांश नाले चौक है। बरसात के दिनों में नालों के चौक होने से आमजन को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है।
इन्होंने कहा
पुराने शहर में बिछाई गई सीवर लाइन से घरेलू कनेक्शन जोड़ने की योजना को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। नए आबादी में सीवर लाइन बिछाने की अभी कोई योजना नहीं है।
विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी, पालिका परिषद बिजनौर।

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