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    रिटायर्ड शिक्षिका से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 29 लाख ठगे, मनी लान्ड्रिंग का दिखाया डर

    By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:13 PM (IST)

    Bijnor News : नजीबाबाद निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका से साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर 29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी, दिल्ली पुल ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक फोटो

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। नजीबाबाद के मुहल्ला हवेलीतलां निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका से साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 29 लाख रुपये हड़प लिए। बुजुर्ग महिला के खाते में मनी लान्ड्रिंग की रकम आने और कार्रवाई के नाम पर डराया था। कार्रवाई से बचाने और सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिलवाने के नाम पर एक सप्ताह में साइबर ठगों ने पांच ट्रांजेक्शन कराकर 29 लाख रुपये ठग लिए।
    जब सेवानिवृत्त शिक्षिका को अपने साथ हो रही ठगी का पता चला तो पुलिस को सूचना दी। पीड़िता की तहरीर पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम ने जांच शुरू कर दी है।

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    मुहल्ला हवेलीतलां निवासी 63 वर्षीय तोजीहा सुल्ताना 2022 में शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हुई। वह अविवाहित होने के कारण घर में अकेली रहती है। उनके भाई बाहर रहते हैं। 24 दिसंबर की दोपहर उनके मोबाइल फोन पर वीडियो काल आई। फोन करने वाले ने खुद को टेलीकाम कंपनी का अधिकारी बताया। उसने एक फोटो दिखाते हुए कहा कि आपके नाम से एक अन्य मोबाइल सिम चल रहा है। इस पर पीड़िता ने मना किया और कहा कि उसके पास एक ही मोबाइल नंबर है।

    फोन करने वाले ने कहा कि यह केस दिल्ली पुलिस काे ट्रांसफर कर रहे हैं। कल दिल्ली पुलिस के अधिकारी आपसे बता करेंगे। अगले दिन फिर वीडियो काल आया और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते अपना नाम गोपेश बताया। आरोपित ने धमकी देते हुए कहा कि तुम्हारे खाते में मनी लान्ड्रिंग का पैसा आया है।

    इस संबंध में सीबीआइ से बात करने होगी। कुछ देर बाद एक अन्य व्यक्ति ने दिल्ली सीबीआई का अधिकारी बताकर वृद्धा को वीडियो काल की गई। आरोपित ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताते हुए अपना नाम अनिल सिंह बताया और बैंक खाते की जानकारी ली। घबराई पीड़िता ने बताया कि उसका खाता बैंक आफ बड़ौदा में है।
    साइबर ठग ने कहा कि इस खाते में मनी लान्ड्रिंग का पैसा आया है। मनी लान्ड्रिंग का नाम सुनकर पीड़िता अधिक डर गई। इस पर साइबर ठग ने कहा कि वह इस केस में बुरी तरह फंस गई है। उन्हें दिल्ली स्थित सीबीआइ दफ्तर आना होगा। साथ ही साइबर ठग ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिलवाने का प्रयास करते हैं।

    जमानत मिल गई तो यहां नहीं आना पड़ेगा। 26 दिसंबर को फिर से फोन आया कि उसने बताया कि जमानत अर्जी निरस्त हो गई है। साइबर ठग ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट आना पड़ेगा। खाते के सत्यायपन के लिए मोटी रकम कुछ खातों में जमा करनी होगी। इसके बाद कार्रवाई का डर दिखाकर तोजीहा सुल्ताना से 26 से 30 दिसंबर के बीच पांच ट्रांजेक्शन कराकर 29 लाख रुपये ठग लिए।

    30 दिसंबर को साइबर ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी गई। नजीबाबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के बाद पीड़िता की तहरीर पर साइबर ठगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम जांच में जुटी है। सीओ नितेश कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच की जा रही है। खातों को खंगाला जा रहा है।