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    Bijnor News : गंगा के पानी में सिल्ट बढ़ने से मध्य गंगा नहर फेज वन फिर बंद, सिंचाई विभाग की हर स्थिति पर नजर

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 06:00 AM (IST)

    Bijnor News बिजनौर में पहाड़ों पर बारिश के चलते गंगा नदी में उफान आ गया था जिससे खादर के खेतों में पानी भर गया। हालांकि शनिवार को जलस्तर सामान्य हो रहा है। गंगा में सिल्ट बढ़ने से मध्य गंगा नहर फेज वन को फिर बंद कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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    उफान के बाद सामान्य हो रही गंगा की धारा, सिल्ट बढ़ने पर नहर हुई बंद

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। पहाड़ों पर बरसात से गंगा में भीमगौड़ा बैराज से अतिरिक्त पानी आने के बाद शुक्रवार रात में गंगा उफन गई। खादर में खेतों में गंगा का पानी भर गया, लेकिन शनिवार को पानी धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। गंगा के पानी में सिल्ट बढ़ने से मध्य गंगा नहर फेज वन को फिर बंद कर दिया गया है। शुक्रवार को ही 22 दिन बाद नहर में पानी छोड़ा गया था। अब सिल्ट कम होने के बाद ही नहर को शुरू किया जाएगा।

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    शुक्रवार को पहाड़ों पर मूसलधार बरसात हुई थी। बरसात से भीमगौड़ा बैराज का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। वहां से जिले में बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए दो लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जबकि उससे पहले एक लाख क्यूसेक से कम पानी छोड़ा जा रहा था। गंगा में आधी रात को पानी बढ़ने की चेतावनी के साथ तटीय गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया था।

    रात को हुआ भी ऐसा ही और एक बजे तक गंगा में दो लाख 18 हजार क्यूसेक पानी पहुंच गया। तटीय गांवों के खेतों में फिर से पानी भर गया, लेकिन गनीमत रही कि दो तीन घंटे बाद ही जलस्तर कम होना शुरू हो गया। शनिवार शाम तक गंगा में 1.33 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था। जलस्तर बढ़ने की वजह से तटीय गांवों के किसान शनिवार को गंगा की धारा के दूसरी ओर अपने खेतों में नहीं गए। राजस्व विभाग के कर्मचारी भी तटीय गांवों में किसानों से संपर्क में रहे। पानी जल्दी कम होने से तटीय गांवों के किसानों को बहुत राहत मिली है।पहले ही कई दिन में खेतों से पानी कम हुआ था।

    नहरों में पानी छोड़ने के लिए उसमें सिल्ट की मात्रा देखी जाती है।

    सिल्ट तीन हजार पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक होने पर ही नहर में पानी छोड़ा जाता है। इससे अधिक सिल्ट होने पर नहर के सिल्ट से अटने का खतरा रहता है। गंगा में सिल्ट कम होने की वजह से शुक्रवार को ही मध्य गंगा नहर फेज वन में पानी छोड़ा गया था। जलस्तर बढ़ने पर सिल्ट की मात्रा भी साढ़े सात हजार पीपीएम से अधिक हो गई। शुक्रवार आधी रात को ही नहर में पानी बंद कर दिया गया। अब फिर से सिल्ट की मात्रा सामान्य होने का इंतजार है।

    सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ब्रजेश मौर्य का कहना है क‍ि गंगा खतरे के निशान से नीचे ही बह रही है। पानी धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा। सिल्ट बढ़ने पर नहर का पानी बंद किया गया है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।