छह हजार न मिले तो अस्पताल ने शव देने से किया इन्कार, खूब हुआ हंगामा... वीडियो भी वायरल
बिजनौर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल ने छह हजार रुपये बकाया होने पर शव देने से इनकार कर दिया। बहुजन प ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बिजनौर। शहर में नगीना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची महिला की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने बकाया छह हजार रुपये न देने पर महिला का शव नहीं दिया। इस पर बहुजन पैंथर संगठन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम अस्पताल में हंगामा किया। समझाने के बाद मामला शांत हुआ। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। मामले में सीएमओ ने जांच टीम गठित की है।
थाना नगीना देहात क्षेत्र के नयागांव निवासी अनिल कुमार ने एक वीडियो प्रसारित किया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि तबीयत खराब होने पर उन्होंने अपनी पत्नी सुमित्रा को एक सप्ताह पहले शास्त्री चौक के पास स्थित चंद्रकांत आत्रेय मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां चिकित्सक ने उसकी पत्नी को टीबी होने की बात कही। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी उससे दवाई के लिए रुपये लिए गए।
इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी पत्नी की मौत हो गई। उस पर इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन ने छह हजार बकाया बताए और पैसे देने के बाद ही शव देने की बात कही। इसका पता चलने पर बहुजन पैंथर संगठन की टीम अस्पताल पहुंची। उन्होंने विरोध करते हुए हंगामा किया। वीडियो में अस्पताल के लोग उन्हें समझाते हुए शव ले जाने की बात कह रहे हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद पीड़ित और संगठन के लोग महिला का शव लेकर अस्पताल से चले गए।
अस्पताल प्रबंधन की ओर बताया गया कि दवाई और जांच के 10 हजार रुपये जमा किए थे। महिला की मौत के बाद शव को नहीं रोका गया है। सिर्फ स्टाफ ने छह हजार मांगे थे और शव को एंबुलेंस में रखवा दिया था, लेकिन इसके बावजूद एक व्यक्ति ने आकर हंगामा किया। आर्थिक स्थिति देखते हुए उसके मृतका के स्वजन को भी दस हजार लौटा दिए। वीडियो डालकर अस्पताल को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। सीएमओ डा. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वीडियो के आधार पर दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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