मेडिकल की ओपीडी में रोगियों का उपचार कर रहा था फर्जी डाक्टर... मामला खुला तो आरोपित भाग निकला, अब शुरू हुई जांच-पड़ताल
बिजनौर के एक मेडिकल अस्पताल में फर्जी चिकित्सक द्वारा मरीजों का इलाज करते पकड़े जाने के बाद हंगामा हो गया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले की गंभीरता को ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में फर्जी चिकित्सक द्वारा मरीजों के इलाज करते पकड़े जाने के मामले में डीएम जसजीत कौर ने जांच शुरू कराई है। डीएम ने जांच के लिए एडीएम प्रशासन और सीएमओ की संयुक्त टीम बनाई है।
जांच टीम की रिपोर्ट में मामला सही पाए जाने पर ओपीडी में बैठने वाले संबंधित चिकित्सक व सीएमएस के खिलाफ डीएम ने कार्यवाही की बात कही है। मेडिकल अस्पताल में शुक्रवार की सुबह उस समय हंगामा हो गया था, जब फार्मेसी स्टाफ ने कक्ष संख्या 25 टीबी एंड चेस्ट ओपीडी में एक कथित फर्जी चिकित्सक को डा.तुषार सिंह की मोहर लगाकर गंभीर मरीजों को दवाएं लिखते पाया था। उस समय डा.तुषार मौजूद नहीं थे। एक वरिष्ठ चिकित्सक ने फोन कर डा.तुषार से फोन कर पूछा तो उन्होंने उसे उस समय अपना असिस्टेंट बताया था, हालांकि बाद में डा.तुषार इससे मुकर गए। मालूम हुआ कि उक्त व्यक्ति चिकित्सक ही नहीं है।
मौका पाकर कथित फर्जी चिकित्सक खिसक गया था। डीएम ने मीडिया को जारी अपने बयान में बताया कि मेडिकल अस्पताल में एक ऐसे व्यक्ति से जो चिकित्सक नहीं है, मरीजों को दवाई लिखवाने का मामला संज्ञान में आया है। इसमें एडीएम प्रशासन व सीएमओ की एक संयुक्त टीम जांच के लिए नामित की गई है जो पूरे प्रकरण की जांच करेगी। अगर कोई चिकित्सक इसमें संलिप्त मिलता है तो उसके खिलाफ व सीएमएस के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। प्राचार्य ने गठित की टीम मेडिकल कालेज प्राचार्या डा.उर्मिला कार्या ने बताया कि प्रकरण में उनके स्तर से जांच के लिए एक टीम गठित की गई है।
ओपीडी में चेक किए गए सभी चिकित्सक
प्राचार्या डा.उर्मिला कार्या के निर्देश पर शनिवार की सुबह जिला अस्पताल की ओपीडी में बैठे सभी चिकित्सकों का वरिष्ठ परामर्शदाता डा.संजय शंकर ने दौरा कर भौतिक सत्यापन किया। डा.संजय शंकर ने बताया कि सभी चिकित्सक अपनी ओपीडी में मिले, कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला।

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