Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    भदोही में साइबर ठगों ने वियतनाम के मोबाइल नंबर से अधिकारियों को किया फोन, कहा - 'डीएम कार्यालय आ जाओ'

    By JITENDRA KUMAR UPADHYAYEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 12:50 PM (IST)

    भदोही में साइबर ठगों ने जिलाधिकारी शैलेष कुमार के नाम और प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर वियतनाम के नंबर से अधिकारियों को बुलाया। तीन अधिकारी डीएम कार्या ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    डीएम और ज‍िले के अध‍िकार‍ियों का मामला होने की वजह से पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    जागरण संवाददाता, भदोही। साइबर ठगों ने जिलाधिकारी शैलेष कुमार का नाम और प्रोफाइल फोटो का उपयोग करते हुए एक इंटरनेशनल मोबाइल नंबर 84 362607763 से कई अधिकारियों को व्हाट्स एप मैसेज भेजे और कुछ को फोन करके तलब कर लिया। इस घटना के बाद तहसीलदार ज्ञानपुर, फूड इंस्पेक्टर और बीडा के एक्सईएन डीएम कार्यालय जा पहुंचे।

    इतने अध‍िकार‍ियों के आ जाने पर जब जिलाधिकारी ने उनसे आने का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि वे आपके मैसेज पर आए हैं। इस पर जिलाधिकारी का माथा ठनका और उन्होंने उस नंबर की जांच की, जो वियतनाम का निकला। इसके बाद, जिलाधिकारी ने तीनों अधिकारियों को उनके कार्यालय वापस भेज दिया।

    जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी को मोबाइल नंबर भेजकर इसे ट्रैस करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं, सूचना विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के अनजान मोबाइल नंबरों से सतर्क रहें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनजान नंबरों का फोन न उठाएं और किसी को अपनी गोपनीय जानकारी न दें, अन्यथा वे ठगी का शिकार हो सकते हैं।

    जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है। उन्हें तीन अधिकारियों के कार्यालय आने की सूचना मिली थी। जब उन्होंने अधिकारियों के मोबाइल की जांच की, तो पाया कि उनकी प्रोफाइल फोटो और नाम दोनों उसी पर थे। यह एक गंभीर स्थिति है, जिससे सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर ठग किसी और को भी फोन कर सकते हैं, इसलिए ऐसे नंबरों पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि इस तरह की कॉल या मैसेज आते हैं, तो तुरंत पुलिस और साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।

    इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर ठगों की गतिविधियाँ कितनी बढ़ गई हैं और लोगों को इस दिशा में जागरूक रहने की आवश्यकता है। साइबर अपराधियों द्वारा इस तरह के फर्जी मैसेज और कॉल का उद्देश्य लोगों को धोखा देना और उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराना होता है। ऐसे में, सभी को चाहिए कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

    साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि के कारण, यह आवश्यक हो गया है कि लोग अपने मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें। अनजान नंबरों से आने वाले कॉल और मैसेज को नजरअंदाज करना ही सबसे बेहतर उपाय है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की वित्तीय लेन-देन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए।

    इस संदर्भ में, जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। साइबर ठगों की इस गतिविधि ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सभी को चाहिए कि वे अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें।

    इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस और साइबर क्राइम सेल को सक्रियता की भी जरूरत है ताकि ऐसे अपराधियों को पकड़ा जा सके और आम जनता को सुरक्षित रखा जा सके। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है, ताकि ठगों को सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। घटना ने यह भी दर्शाया है कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि लोग इस प्रकार के ठगी के शिकार न हों।