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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bareilly Rampur Seat : बरेली में मुस्लिम और यादव वोटरों ने बनाई सपा से दूरी, भाजपा को दिए वोट

By Ravi MishraEdited By:
Published: Wed, 13 Apr 2022 06:34 AM (IST)

Bareilly Rampur Seat यूपी एमएलसी चुनाव में बरेली में सपा का बेस वोट भी हाथ से खिसक गया।आलम ये रहा ...और पढ़ें

रामपुर-बरेली सीट: बरेली में मुस्लिम और यादव वोटरों ने बनाई सपा से दूरी, भाजपा को दिए वोट
रामपुर-बरेली सीट: बरेली में मुस्लिम और यादव वोटरों ने बनाई सपा से दूरी, भाजपा को दिए वोट

बरेली, जेएनएन। Rampur Bareilly Seat : योगी टू सरकार में भाजपा के बुलडोजर की धमक का असर एमएलसी चुनाव में भी दिखाई दिया। इस चुनाव में सपा का बेस वोट भी उनके हाथ से खिसक गया। जिले में पार्टी के दो विधायक, तीन ब्लाक प्रमुख होने के बावजूद उम्मीदवार को मात्र 401 वोट ही मिले। वोटरों को साधने के लिए बनाए गए प्रभारी पूरी तरह नाकाम साबित रहे। वोटरों ने सपा से दूरी बनाकर भाजपा को वोट दिया।

रामपुर-बरेली स्थानीय प्राधिकारी चुनाव की मतगणना में परिणाम पहले चरण से ही एकतरफा दिखाई दिया। भाजपा के प्रत्याशी महाराज सिंह ने अच्छी बढ़त हासिल कर ली थी। अंत में वह भारी मतों से विजयी घोषित किए गए। उनके प्रतिद्वंदी सपा के उम्मीदवार रामपुर निवासी मकसूर अहमद को मात्र 401 वोट ही मिले। विधानसभा चुनाव में पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने वाली सपा के प्रत्याशी को इतने कम वोट मिलना चर्चा में आ गया।

वह भी तब जबकि पार्टी का बेस वोट ही 2100 से अधिक संख्या में था। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 1796 और यादव बिरादरी के मतदाताओं की संख्या 311 थी। इसके साथ ही कुर्मी बिरादरी का करीब 576 वोट दोनों जिलों में मिलाकर था। यह सब मिलाकर 2683 वोट था, जिसे भुनाने के लिए पार्टी ने पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, पूर्व जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार को प्रभारी बनाया था।

यह प्रभारी भी अपने वोट लाने में नाकाम साबित हुए। इसके साथ ही पार्टी को बीते दिनों भोजीपुरा और बहेड़ी में विधायक भी मिले हैं। उससे पहले भुता के ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह यादव, फतेहगंज पश्चिमी की ब्लाक प्रमुख किरना यादव और शेरगढ़ के ब्लाक प्रमुख भूपेंद्र कुर्मी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने चुने, लेकिन इस बार एमएलसी के लिए पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया। तीनों ब्लाक प्रमुख पार्टी के पुराने नेता है।

भाजपा के पक्ष में गए मुस्लिमों व यादवों के वोट

समाजवादी पार्टी का बेस वोट खिसकने के बाद सियासी गलियारों में तमाम चर्चाएं हो रही हैं। सपा प्रत्याशी को बेस वोट नहीं मिलने से यह तो स्पष्ट है कि तमाम मुस्लिम, यादव बिरादरी के लोगों ने इस बार भाजपा प्रत्याशी को चुना है। चर्चा है कि बीते दिनों भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम के पेट्रोल पंप के ध्वस्तीकरण के बाद सपाइयों में खलबली मची हुई है। ऐसे में पार्टी के बेस वोटर भी सपा से दूरी बनाकर भाजपा के करीब पहुंच रहे हैं।

जनता ने जो भी फैसला किया है, वह स्वीकार है। अब पार्टी आने वाले नगर निगम चुनाव की तैयारी करेगी। शमीम खां सुल्तानी, महानगर अध्यक्ष, सपा