84 के दंगों को लेकर खौला पंजाब अकादमी के उपाध्यक्ष का खून, गुरविंदर सिंह छाबड़ा बोले सिख समाज नहीं भूला कत्लेआम
पीलीभीत में पंजाबी अकादमी उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि सिख समाज 1984 का कत्लेआम भूला नहीं है। कानपुर में 127 सिखों का कत्लेआम हुआ था। 1984 ...और पढ़ें

बरेली, जेएनएन। Punjab Academy Vice President Gurvinder Singh Chhabra Statement : पीलीभीत में पंजाबी अकादमी उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि सिख समाज 1984 का कत्लेआम भूला नहीं है। कानपुर में 127 सिखों का कत्लेआम हुआ था। 1984 में यूपी दंगों की जांच के लिए यूपी सरकार ने एसआइटी का गठन किया है। जल्द ही आरोपित जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सभी को इंसाफ मिला है। सिख समाज 84 का दंश कभी भूल नहीं सकता है।
बुधवार को पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री) भाजपा के कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 84 दंगों में कांग्रेस के नेताओं को भाजपा सरकार ने जेल भेजा है। उत्तर प्रदेश के दंगाइयों को भी जल्द ही जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि सिखों की बरसों पुरानी गुरुद्वारा श्रीकरतारपुर साहिब को खुलने व दर्शन की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया है। अफगानिस्तान से पवित्र गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूप को सम्मान के साथ वापसी कराई।
सिख समाज को जो सम्मान भाजपा में मिल रहा है वह किसी और सरकार में नहीं मिला है। दूसरे देशों से 529 अलपसंख्यक समुदाय के लोगों को सुरक्षित लाया गया, जिसमें अधिकतर सिख समाज के लोग हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर तीन बार श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। सिख इतिहास को यूपी के पाठयक्रम शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एप लांच किया है। जिससे बच्चों को पंजाबी सिखाई जाएगी।

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