रुहेलखंड यूनिवर्सिटी का ऐतिहासिक फैसला: अब बिना कॉलेज गए मिलेगी डिग्री, जानें कैसे!
MJPRU Distance Education Admission 2026: रुहेलखंड विश्वविद्यालय में फरवरी से MA, MSc, MCom और BA जैसे 8 कोर्सेज में दूरस्थ शिक्षा के दाखिले शुरू होंगे ...और पढ़ें

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय
जागरण संवाददाता, बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने से शैक्षणिक विकास में गति मिल रही है। यूजीसी की ओर से आठ पाठ्यक्रमों में दूरस्थ शिक्षा प्राप्त करने की मान्यता मिल चुकी है, जिसके दूसरे चरण के प्रवेश फरवरी में किए जाएंगे। वहीं, परिसर में बन रहे डिजिटल लर्निंग हब से इसे विस्तार दिए जाने की तैयारी चल रही है।
रुवि को यूजीसी की ओर से एमए इतिहास, इकोनामिक्स, हिंदी, शिक्षा, अंग्रेजी, एमएससी गणित, एमकाम और बीए की दूरस्थ शिक्षा की मान्यता मिल गई है। इसमें प्रथम चरण के प्रवेश हो चुके हैं, दूसरे चरण के लिए फरवरी में दाखिले करने की तैयारी है। इससे बरेली-मुरादाबाद मंडल के विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा, क्योंकि नैक में उत्कृष्ट ग्रेड वाले विवि को ही दूरस्थ शिक्षा की मान्यता दी गई है।
शिक्षा को लर्निंग हब देगा विस्तार
रुवि में डिजिटल लर्निंग हब तैयार किया जा रहा है। इसमें भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक अत्याधुनिक डिजिटल हब का निर्माण होगा। यह हब ई-कंटेंट निर्माण, आनलाइन कोर्सेज और हाइब्रिड लर्निंग के लिए वन-स्टाप सेंटर बनेगा। दूर-दराज के विद्यार्थी भी घर बैठे पढ़ाई कर सकेंगे। यहां से शिक्षक आनलाइन माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ा सकेंगे। इसमें एआइ का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए ए प्लस प्लस सबसे बड़ा ग्रेड है। ऐसे में रुवि को आठ पाठ्यक्रमों में दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने की मान्यता मिली है, जोकि रुहेलखंड क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। इसे डिजिटल लर्निंग हब के माध्यम से विस्तार दिया जाएगा।
- प्रो. कृष्ण पाल सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
यह भी पढ़ें- विधायक के निधन से पहले का राज : जिंदगी को दगा देने से पहले 45 मिनट छटपटाया था दिल

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।