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    25 साल 'सलीम' बनकर गुजारे, घर लौटे तो फिर 'ओमप्रकाश' बने; बरेली के काशीपुर में हुई घर वापसी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 02:23 PM (IST)

    बरेली के काशीपुर में एक व्यक्ति 25 साल बाद अपने घर लौटा। इतने सालों तक उसने 'सलीम' के नाम से जीवन बिताया, लेकिन घर वापसी के बाद वह फिर से 'ओमप्रकाश' बन गया। इस घटना ने पहचान के संकट और घर लौटने की खुशी को उजागर किया है। ओमप्रकाश की वापसी से उनके परिवार और समुदाय में खुशी की लहर है।

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    घर वापसी के बाद फूल मालाओं से हुआ स्‍वागत

    संवाद सूत्र, जागरण, शाही (बरेली)। शाही के एक गांव निवासी ओम प्रकाश की 25 साल बाद हिन्दू धर्म में वापिसी। किशोरावस्था में 25 साल पहले नाराज होकर घर से निकले ओमप्रकाश दिल्ली पहुंचे और वहां सलीम बनकर 25 साल गुजार दिए। कोई अता-पता नहीं मिलने से स्वजन उन्हें मृत मान चुके थे।

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    मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हुआ तो वहां उनका कोई रिकार्ड नहीं मिला। तब तक वह चार पुत्रियों और एक पुत्र के पिता बन गए थे। ढाई दशक बाद बच्चों के साथ शाही क्षेत्र के काशीपुर अपने पैतृक गांव पहुंचे सलीम शुद्धिकरण कराकर फिर ओमप्रकाश बन गए हैं। अब यहीं से वह अपना एसआइआर प्रपत्र भरकर अपनी आइडी बनवा रहे हैं।

    काशीपुर निवासी ओमप्रकाश ढ़ाई दशक पहले 15 साल की उम्र में स्वजन से नाराज होकर घर से निकल गए थे। कुछ दिनों तक बरेली में भटकते रहे, फिर दिल्ली चले गए। वह बताते हैं कि दिल्ली में किराये का कमरा लेने के लिए हर जगह आइडी मांगी जा रही थी। वहां के कुछ लोगों से संपर्क हुआ तो सलीम पुत्र ताहिर हुसैन निवासी उस्मानपुर, दिल्ली के नाम से उनकी आइडी बनवा दी।

    वहीं पर मुस्लिम महिला शाहरबानो से शादी की, अब उनकी चार पुत्रियां रुखसाना, रुखसार, रूपा, कुप्पा और 15 वर्षीय बेटा जुम्मन भी है। वह तीन बेटियों की शादी भी कर चुके हैं। वह बताते हैं कि दिल्ली में एसआइआर के फार्म भरने के लिए उनकी कोई आइडी नहीं मिल पाने से वह गांव लौट आए हैं।

    स्वजन और उनके भाई रोशन लाल, भतीते कुंवरसेन, वीरपाल ने स्वागत किया। शुद्धिकरण कराकर उन्होंने फिर हिंदू धर्म अपना लिया है। अब वह गांव में ही एसआइआर का फार्म भरकर अपनी आइडी बनवा रहे हैं।

     

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