यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: रिवीजन मंजूर, 'संपत्ति बंटवारे' पर बयान के लिए सांसद राहुल गांधी को कोर्ट का नोटिस
Bareilly Court On Rahul Gandhi कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सेशन कोर्ट सुधीर कुमार ने नोटिस जारी कर तलब किया ...और पढ़ें

HighLights
- लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई थी।
- 27 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी
- पंकज ने सेशन कोर्ट में रिवीजन दायर की
जागरण संवाददाता, बरेली। Bareilly News: सेशन कोर्ट ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी करके तलब किया है। सुभाष नगर निवासी पंकज पाठक ने स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दी थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। मामले में उन्होंने सेशन कोर्ट में रिवीजन दायर किया। इसके बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने को नोटिस दिया है।
रिवीजन में कोर्ट इस बात की सुनवाई करेगी कि निचली अदालत ने पीड़ित की अर्जी सही खारिज की है या गलत। यदि सही खारिज की है तो रिवीजन को खारिज किया जाएगा। यदि गलत खारिज की है तो सेशन अदालत दोबारा सुनवाई के लिए मामला एमपी एमएलए कोर्ट में भेज सकती है।
वादी ने अर्जी में कहा, राहुल गांधी ने भाषण से वैमनष्यता फैलाने का किया प्रयास
वादी पंकज पाठक ने अपनी अर्जी में कहा कि राहुल गांधी ने एक भाषण के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए वर्गों के मध्य वैमनष्यता फैलाने का प्रयास किया। राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि संपत्ति के बंटवारे में असमानता को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी ने अपना भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि कमजोर वर्गों का प्रतिशत ज्यादा होने के बावजूद उनके पास संपत्ति का प्रतिशत काफी कम है यदि ऐसा रहा तो ज्यादा आबादी वाले वर्ग ज्यादा संपत्ति मांग सकते हैं। देश में संपत्ति के अधिकार पर राहुल गांधी ने कमजोर वर्गों को उकसाने का प्रयास किया। राहुल गांधी अपनी पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए लालायित हैं।
.jpg)
27 अगस्त 2024 को खारिज कर दी थी स्पेशल कोर्ट ने वादी की अर्जी
स्पेशल कोर्ट ने वादी की अर्जी 27 अगस्त 2024 को खारिज कर दी थी। वादी ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी व अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता के माध्यम से खारिज आदेश के विरुद्ध सेशन कोर्ट में बीते एक अक्टूबर को रिवीजन दायर किया था। जिसे सेशन जज सुधीर कुमार ने स्वीकार करते हुए विपक्षी को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई सात जनवरी को होगी। इस मामले उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है।
ये भी पढ़ेंः नए साल पर मसूरी में ट्रैफिक प्लान लागू, टूरिस्ट ने होटल बुक नहीं किया तो...शहर में दाखिल नहीं होंगी गाड़ियां
ये भी पढ़ेंः क्रिसमस व नई साल से पहले ही बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ रही भारी भीड़, दर्शन करने आए दो श्रद्धालु हुए बेहोश
अधिवक्ता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि सेशन कोर्ट ने रिवीजन अर्जी स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों एवं प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया गया है।
