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    मुआवजे का आश्वासन मिलने पर 38 घंटे बाद उठने दिया ट्रैक्टर चालक का शव

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 10:47 AM (IST)

    बांदा में एक ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर 38 घंटे तक शव नहीं उठने दिया। पैलानी के पंकज निषाद की ट्रैक्टर पलटने से मौत ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, बांदा। मिट्टी खाली कर घर जाते समय ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत होने के बाद स्वजन ने 38 घंटे बाद मुआवजे के आश्वासन पर बुधवार सुबह दस बजे शव को उठने दिया। स्वजन का आरोप रहा कि मौरंग भरे ट्रक की टक्कर से हादसा हुआ है। मुआवजे की मांग के लिए स्वजन रात भर खुले आसमान के नीचे अलाव के सहारे बैठे रहे।

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    पैलानी कस्बा के उसरा डेरा निवासी 30 वर्षीय पंकज पुत्र बाबूलाल निषाद अपना ट्रैक्टर चलाता था। वह सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे खप्टिहा कला से मिट्टी खाली करने के बाद खाली ट्रैक्टर लेकर गांव जा रहा था। खैरेई गांव के जंगल में तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटने से उसकी दबकर मौके पर मौत हो गई थी।

    आक्रोशित स्वज न व ग्रामीणों ने शव रखकर मार्ग पर जाम लगा दिया था। उनका का आरोप था कि मौरंग भरे ट्रक की टक्कर से हादसा होने में उसकी जान गई है। स्वजन शव सड़क किनारे रखकर उठने नहीं दे रहे थे। पुलिस के समझाने पर स्वजन मुआवजे की मांग को लेकर जिद में अड़े रहे थे।

    इससे ग्रामीणों के साथ स्वजन मंगलवार रात भर खुले आसमान के नीचे अलाव के सहारे बैठे रहे थे। इस दौरान खप्टिहाकला गांव के ग्रामीण व उनके साथ गांव की महिलाओं ने खदान संचालक पर आरोप लगाते हुए प्रर्दशन किया।

    तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह, थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्वजन पूरी रात शव उठाने को तैयार नहीं हुए। बाद में तहसीलदार के आश्वासन पर बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे स्वजन ने शव उठने दिया है।

    तहसीलदार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाएगा, लेकिन इसके लिए दिवंगत हुए चालक के नाम कृषि भूमि होना या उसका बटाई की जमीन में खेती करना जांच में सामने आना चाहिए।