पूर्व मंत्री का फरार बेटा व हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, बांदा में दो सगे भाइयों को सिर भिड़ाकर मारा, फिर गड्ढे में फेंका था शव
बांदा में दो मासूम भाइयों की हत्या के मामले में पूर्व मंत्री के बेटे महेंद्र पाल वर्मा और हिस्ट्रीशीटर ओमकार ...और पढ़ें
-1792950165785_m.webp)
HighLights
पूर्व मंत्री का बेटा महेंद्र पाल वर्मा गिरफ्तार
बांदा में दो मासूम भाइयों की हत्या का मामला
25 दिन बाद हिस्ट्रीशीटर शेरा भी पकड़ा गया
जागरण संवाददाता, बांदा। नरैनी थाना क्षेत्र के नंदवारा गांव में 30 सितंबर को दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के मामले में पूर्व मंत्री डा. स्व: सुरेंद्र पाल वर्मा का सपा नेता पुत्र महेंद्र पाल वर्मा और नरैनी थाने के हिस्ट्रीशीटर ओमकार उर्फ शेरा को पुलिस 25 दिन तक छकाने के बाद 26 वें दिन पकड़ सकी। दोनों मासूम भाइयों की मौत के बाद दो अक्टूबर को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुरू में सपा नेता की लोकेशन बांदा रही। लेकिन बाद में वह भाग निकला था। हालांकि पुलिस ने पिता भइयाराम की तहरीर पर नौ नामजद आरोपितों में से पांच को तीन अक्टूबर को जेल भेज दिया था, जबकि दो महिलाओं समेत चार आरोपित फरार रहे हैं। जिसमें सपा नेता महेंद्र घटना के कई दिन बाद तक इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित करता रहा।
उसकी लोकेशन मिलने की बात सामने आई, फिर भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। हालांकि बाद में आरोपितों को पकड़ने के लिए दबिश तेज हुई। इसमें लखनऊ व रायबरेली से लेकर मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद तक पुलिस ने दबिश दी। हालांकि पुलिस का दावा है कि दोनों को बांदा शहर के अलीगंज मुहल्ले से भागने का प्रयास करते समय पकड़ा है।
एक नजर में प्रमुख घटनाक्रम:
- 30 सितंबर : नंदवारा में छह वर्षीय मनोज और चार वर्षीय युवराज के शव पानी भरे गड्ढे में मिले।
- 1 अक्टूबर : दोनों बच्चों की मौत के बाद परिवार ने घटना पर संदेह जताया।
- 2 अक्टूबर : पोस्टमार्टम में चोटों के निशान मिलने पर नौ लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 3 अक्टूबर : पांच आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे गए, जबकि चार फरार रहे।
- 4 अक्टूबर : पूर्व मंत्री की पत्नी और महेंद्र पाल वर्मा की मां कुसुमा देवी की मौत हुई।
- 5 अक्टूबर : महेंद्र ने सांसद बाबू सिंह कुशवाहा समेत नौ लोगों पर धमकाने और फर्जी मुकदमे में फंसाने के आरोप लगाए।
- 6 अक्टूबर : एसपी ने सीओ सिटी के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआइटी गठित कर विवेचना गिरवां थाने स्थानांतरित की।
- 7 अक्टूबर : महेंद्र ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर खुद को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया।
- 8 अक्टूबर : महेंद्र ने वीडियो के जरिये सीबीआइ जांच और सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
- 9 अक्टूबर : घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए झांसी से एफएसएल टीम बुलाने को पत्र भेजा गया।
- 10 अक्टूबर : एसआइटी ने जांच तेज कर ग्रामीणों से पूछताछ की।
- 11 अक्टूबर : एसआइटी ने गांव पहुंचकर जांच की,जिसमें पेड़ विवाद के दिन महेंद्र और शेरा की मौजूदगी का वीडियो मिलने की बात सामने आई।
- 12 अक्टूबर : पुलिस ने फरार आरोपितों के रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
- 13 अक्टूबर : भइयाराम ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर क्रमिक अनशन किया।
- 14 अक्टूबर : भइयाराम ने आमरण अनशन किया, पुलिस के गिरफ्तारी के भरोसे पर अनशन खत्म किया।
- 16 अक्टूबर : महेंद्र और शेरा समेत चार फरार आरोपितों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट प्राप्त किया गया।
- 17 अक्टूबर : फरार आरोपितों की तलाश में दबिश जारी रही और महेंद्र की तलाश में टीम लखनऊ भेजी गई।
- 19 अक्टूबर : घटना के 19 दिन बाद भी महेंद्र और हिस्ट्रीशीटर शेरा गिरफ्तार नहीं हुए पांच टीमें तलाश में जुटी हैं।
- 23 अक्टूबर : जेल में पहले से बंद चार हत्यारोपितों की रिमांड कस्टडी की सीजेएम न्यायालय में तारीख रही।
- 25 अक्टूबर : पुलिस ने शहर के अलीगंज मुहल्ले से फरार सपा नेता महेंद्र व हिस्ट्रीशीटर शेरा को किया गिरफ्तार
