सर्दी से सांस लेने व सीने में दर्द की बढ़ रही समस्या, बांदा में किसान की मौत
बांदा में भीषण सर्दी का प्रकोप जारी है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। एक 65 वर्षीय किसान की खेत में पानी लगाते समय ठंड लगने से हार्ट अटै ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बांदा। सर्दी की चपेट में आने से किसान के सीने में दर्द हुआ। हार्ट अटैक पड़ने से उनकी मौत हो गई। इसी तरह सर्दी की वजह से दमा के मरीजों को खास दिक्कत हो रही है। सांस लेने में दिक्कत व सीने में दर्द की शिकायत मरीजों में हो रही है।
साथ ही कोल्ड डायरिया, बुखार व पेट दर्द के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालत बिगड़ने पर 19 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की सलाह है कि सर्दी से बचाव का ख्याल रखने से स्वस्थ रहेंगे। इससे बचाव का उपाय अनिवार्य रूप से अपनाएं।
सर्दी जान लेवा रूप लिए है। फतेहगंज थाना के ग्राम दुसमारा पिपरा निवासी 65 वर्षीय किसान बाबूलाल मंगलवार रात खेत में पानी लगाने गए थे। जहां वह सर्दी चपेट में आ गए। सीने में दर्द होने से वह किसी तरह घर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद स्वजन उन्हें अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों की माने तो पुलिस के पोस्टमार्टम कराने में हार्ट अटैक पड़ने से मृत्यु का कारण सामने आया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में दमा, सांस लेने में दिक्कत के साथ कोल्ड डायरिया सर्दी, खांसी, पेट व सीने के दर्द के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सक मामूली पीड़ितों को दवा देकर घर जाने की छुट्टी कर रहे हैं। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। इसी में सैमरी गांव निवासी 26 वर्षीय माता प्रसाद, बाबा तालाब मुहल्ले की 75 वर्षीय रानी, जलालपुर गांव के 42 वर्षीय सत्यसेन, पुलिस लाइन की 38 वर्षीय संगीता, बिजली खेड़ा मुहल्ले की 23 वर्षीय मधु, कबरई गांव की 14 वर्षीय संध्या, जरैली कोठी मुहल्ले के 60 वर्षीय चुन्नू, सहेवा गांव की 27 वर्षीय रोशनी, खप्टिहा गांव की 72 वर्षीय शिवकली,खांईपार के 60 वर्षीय बाला प्रसाद, बिजलीखेड़ा मुहल्ले की 25 वर्षीय अमिता व झील का पुरवा की 65 सरोजनी आदि को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ ईएमओ डा. विनीत सचान का कहना है कि सर्दी से बचाव में बिल्कुल भी लापरवाही न करें। बचाव का ख्याल रखकर स्वस्थ रह सकते हैं।
बचाव के उपाय
- खुले में सुबह जल्दी स्नान न करें
- बच्चों के सोने के कमरे का तापमान नियंत्रित रखें
- गरम कपड़ों का इस्तेमाल करें
- अलाव तापने के साथ गरम पेय पदार्थों का सेवन करें।
- ठंडी तासीर वाले खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- खेतों में फसल की रखवाली व पानी लगाते समय आग का सहारा लें।
- दो पहिया वाहनों से ज्यादा दूर का सफर करने से बचें।
- बच्चों को सुबह व शाम बाहर खेलने न जाने दें।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।