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    बल‍िया में गंगा की धारा ने मचाई तबाही, 24 घंटे में 18 घर नदी में हो गए विलीन, देखें वीड‍ियो...

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 02:33 PM (IST)

    बलिया के बैरिया में गंगा नदी का कटान तेज हो गया है जिससे चक्की नौरंगा नौरंगा और भगवानपुर में भारी तबाही हुई है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक 18 पक्के मकान गंगा में विलीन हो गए लोग अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जा रही है।

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    गंगा की कटान ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)।  गंगा नदी के कटान ने चक्की नौरंगा, नौरंगा और भगवानपुर में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक भयंकर तबाही मचाई। इस दौरान कुल 18 पक्के मकान गंगा में समाहित हो गए। कटान की गति इतनी तेज थी कि लोग अपने सामान को भी सुरक्षित नहीं निकाल सके।

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    देखें वीड‍ियो :  

    जिन 18 लोगों का मकान गंगा में विलीन हुआ, उनमें चक्की नौरंगा की उषा देवी, छोटेलाल राम, राजमोहन, अमरेश राम, लल्लन राम, त्रिलोकी राम, पंकज कुमार, मीरा देवी, बल्लू राम, राम जी राम, कामेश्वर राम, उमाशंकर राम, कन्हैया राम, प्रेम कुमार राम सहित अन्य शामिल हैं।

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    इस गांव में अब तक कुल 57 लोगों का आशियाना गंगा के कटान के कारण नष्ट हो चुका है। पहले बाढ़ में 17 लोगों का घर कटकर नदी में चला गया था। दो दिन पूर्व 10 लोगों का आशियाना भी गंगा में समाहित हुआ था। अब 18 लोगों के घरों के विलीन होने से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल है।

    कटान की सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ितों से बातचीत की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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    उप जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गांव के बाढ़ पीड़ितों के लिए जो बंधे पर शरण लिए हुए हैं, उन्हें पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही रात में जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए कुल 16 नावें लगाई गई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    गंगा के कटान ने ग्रामीणों की जिंदगी को प्रभावित किया है। लोग अपने आशियाने खोने के बाद सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके। कटान की इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बना दिया है और सभी की नजरें प्रशासन की ओर हैं कि वह इस संकट से उन्हें कैसे उबारता है।

    देखें वीड‍ियो

    गंगा की यह कटान न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बन गया है। सभी की उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा और प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी।

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