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    यूपी में डिजिटलाइज्ड होंगे सहकारी ग्राम विकास बैंक, NABARD देगा वित्तीय सहयोग

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:53 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड का डिजिटलीकरण हो रहा है। नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से प्रदेश की लगभग 400 शाखाओं में कंप्यूटर, इंटरनेट और फ ...और पढ़ें

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    डिजिटलाइज्ड होंगे सहकारी ग्राम विकास बैंक।

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    जागरण संवाददाता, बहराइच। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड भी अन्य बैंकों की तरह डिजिटलाइज्ड होने जा रहा है। नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से प्रदेश भर के करीब चार सौ शाखाओं में कंप्यूटर उपकरण, इंटरनेट, फर्नीचर आदि की व्यवस्था होगी।

    अप्रैल 2026 से इस बैंक के सभी शाखाओं में डिजिटल माध्यमों से किसानों को आसानी से लोन और अन्य वित्तीय सेवाएं देना शुरू हो जाएंगी। प्रदेश स्तर से ही बैंक शाखाओं को उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस नई व्यवस्था में करीब आठ से नौ करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।

    भूमि विकास बैंक का बदला हुआ रूप अब कई राज्यों में सहकारी बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है, और इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से किसानों को आसानी से लोन और अन्य वित्तीय सेवाएं देना है, अब सारा काम डिजिटली हो रहा है, जिसमें लोन आवेदन, कागजात जमा करना और निगरानी शामिल है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।

    प्रयास किया जा रहा है कि किसान बिना बैंक जाए, मोबाइल एप या पोर्टल के जरिए अपने जमीन के कागजात अपलोड कर सकें और लोन के लिए आवेदन कर सकें। इससे किसानों को चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और लोन जल्दी मिलेगा, साथ ही भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण भी होगा। पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी कम होगी।

    किसानों को डिजिटल रूप से वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश भर के करीब चार सौ शाखाओं का स्वरूप बदलने की तैयारी की गई है। इस पर करीब आठ से नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। करीब 70 प्रतिशत धनराशि नाबार्ड तो बाकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी सहकारी बैंक की रहेगी।

    मैनुअल रूप से लेजर मेंं दर्ज होता है किसानों का ब्यौरा

    ऋण देने, किस्त जमा करने और ब्याज आदि लगाने की प्रक्रिया अभी हाथ से की जाती है। इसके लिए क्षेत्रवार लेजर (रजिस्टर) हाेता है। एक शाखा में करीब ढाई से तीन सौ लेजर होते हैं। जिसमें किसान के ऋण संबंधी इतिहास दर्ज होता है। नई व्यवस्था से बैंक कर्मियों को हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी। -राजा राम भार्गव, वरिष्ठ प्रबंधक, सहकारी ग्राम विकास बैंक, बहराइच।