बागपत (जेएनएन)। बड़ौत के गांव गुराना में नाबालिग बहनों की शादी कर रहे एक परिवार के यहां न्यायालय बाल कल्याण समिति की मजिस्ट्रेट ने छापा मारकर शादी रुकवा दी। गांव निवासी सुनील तराला अपनी दो बेटियों साढ़े 17 वर्षीय शिवानी व 15 वर्षीय हिमांशी की शादी कर रहे थे। शिवानी की बरात हरियाणा के सोनीपत के गांव झटी बिंदरौली से आई थी जबकि हिमांशी की बरात बागपत के लूंब गांव से आई थी। इसी बीच किसी ने डीएम को नाबालिग बहनों की शादी की सूचना दे दी। डीएम ने तत्काल न्यायालय बाल कल्याण समिति की मजिस्ट्रेट सरिता जिंदल को कार्रवाई के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचीं मजिस्ट्रेट ने शादी रुकवा दी।

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कुछ जिम्मेदार लोग सामने आये और शादी करने की अनुमति मांगी। जिसके बाद समिति ने शिवानी की शादी की अनुमति इस शर्त पर दी कि 6 माह बाद जब वह 18 साल की हो जायेगी तभी उसे ससुराल भेजा जाए। इस पर सहमति बन गई। हिमांशी की बरात लौटा दी गई। मजिस्ट्रेट सरिता जिंदल ने पूरे मामले की पुष्टि की है। उधर, बेटियों के पिता सुनील तराला का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। आज के माहौल को देखते हुए वे किसी तरह लोगों से रुपये उधार लेकर बेटियों की शादी कर रहे थे लेकिन खलल पड़ गया।

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Posted By: Nawal Mishra