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    UP News: संसद के सामने आत्मदाह करने वाले छात्र की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

    Updated: Fri, 27 Dec 2024 12:51 PM (IST)

    संसद के सामने आत्मदाह करने वाले छात्र जितेंद्र की मौत हो गई है। 95 प्रतिशत जलने के बाद उनका राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। बागपत के रहने वाले जितेंद्र ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इस खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना के बाद से ही परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

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    घटना के बाद से ही छात्र की हालत गंभीर बनी हुई थी। जागरण

    जागरण संवाददाता, बागपत।  दो दिन पहले दिल्ली में नए संसद भवन के सामने पेट्रोल उड़ेलकर खुद को आग लगने वाले एलएलबी के छात्र जितेंद्र की राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित स्वजन का पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप है। वे गम और गुस्से में हैं। वहीं पुलिस सतर्क नजर आ रही है।

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    छपरौली निवासी जितेंद्र एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र था । उसके परिवार का वर्ष 2021 में कस्बे के रहने वाले होमगार्ड कविंद्र के परिवार से शराब को लेकर विवाद हो गया था। उनके बीच कई बार झगड़ा हुआ। दो मुकदमे जितेंद्र पक्ष व एक मुकदमा कविंद्र पक्ष के खिलाफ छपरौली थाने में दर्ज हुआ था।

    गैर इरादतन हत्या के प्रयास के एक मुकदमे में जितेंद्र समेत तीन लोगों ने वर्ष 2022 में अदालत में आत्मसमर्पण किया था। कुछ समय बाद कोर्ट से जमानत मिलने पर उनकी जेल से रिहाई हो गई थी।

    छपरौली कस्बे में मौजूद फोर्स। जागरण


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    जितेंद्र के पिता महीपाल का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने उनकी सुनवाई न करके एकतरफा कार्रवाई की। जितेंद्र लगातार न्याय की गुहार लगा रहा था। पांच दिन पहले केविंद्र पक्ष के लोगों ने अधिकारियों का रौब गालिब करते हुए जितेंद्र को यहां तक कह दिया था कहीं तक चक्कर लगा ले, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।

    होमगार्ड कविंद्र की तैनाती बागपत कलक्ट्रेट तथा उसके भाई विकेंद्र व भाभी पंकज एसएसबी में दिल्ली में तैनात है। परेशान होकर जितेंद्र ने 25 दिसंबर की शाम करीब साढ़े तीन बजे संसद भवन के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। पुलिस कर्मियों ने गंभीर रूप से झुलसे जितेंद्र को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था।

    छपरौली कस्बे में जितेंद्र के मकान के पास बैठे मोहल्ले के लोग। जागरण


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    गुरुवार रात करीब 2.15 बजे जितेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई। बेटे को कवेंद्र पक्ष ने आत्मदाह के लिए उकसाया था, आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।

    उधर एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पूरे मामले की बागपत व दिल्ली पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

    छपरौली कस्बे मेंं खड़े कई थानों की पुलिस के वाहन। जागरण


    साढ़े तीन साल से दो परिवारों में धधक रही रंजिश की आग

    छपरौली थाने से करीब 200 मीटर की परिधि में होमगार्ड कविंद्र और एलएलबी के छात्र जितेंद्र के मकान हैं। साढ़े तीन साल में दोनों परिवार के बीच कई बार झगड़ा हुआ। तीन मुकदमे तो पुलिस ने दर्ज भी किए, लेकिन विवाद को खत्म करने का प्रयास नहीं किया। जितेंद्र के परिवार ने तो पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

    जितेंद्र के संसद भवन के सामने आत्मदाह के प्रयास करने की घटना से खलबली मची है। इस घटना के बाद सवाल उठा रहा है कि आखिर पुलिस की चौपाल किस काम की है। घटना में पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल नजर आया।