UP News : प्रार्थना सभा में ‘जय भीम’ बोलने पर पांच छात्रों को मुर्गा बनाकर पीटा, SP बागपत ने दिए जांच के आदेश
Baghpat News बागपत के एक स्कूल में जय भीम कहने पर पांच छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि 26 अगस्त को प्रार्थना सभा में जय श्रीराम के नारे के जवाब में जय भीम कहने पर शिक्षकों ने उन्हें मुर्गा बनाकर पीटा। छात्रों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है।

संवाद सूत्र, जागरण, बिनौली (बागपत)। विद्यालय में प्रार्थना सभा में ‘जय श्रीराम’ के बजाय ‘जय भीम’ बोलने पर अनुसूचित जाति के पांच छात्रों की मुर्गा बनाकर की गई पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है। छात्रों ने थाना पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है।
बिनौली थाना क्षेत्र के ग्राम धनौरा सिल्वरनगर स्थित इंटरमीडिएट कालेज धनौरा सिल्वरनगर के अनुसूचित जाति के दो छात्रों का आरोप है कि 26 अगस्त को प्रार्थना सभा में शिक्षकों के कहने पर कुछ छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाए थे, जबकि उनकी जाति के कुछ छात्रों ने ‘जय भीम’ का नारा लगा दिया था। इसी को लेकर तीन शिक्षक उन समेत पांच छात्रों को एक कमरे में ले गए। इनमें दो शिक्षकों ने उनके हाथ पकड़े, जबकि तीसरे शिक्षक ने डंडे से बुरी तरह से पिटाई की। मुर्गा बनाकर भी पीटा गया।
आरोप है कि प्रधानाचार्य ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए विद्यालय से निकालने की धमकी दी। घटना की बिनौली थाने पर शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार को छात्रों ने दफ्तर पहुंचकर एसपी से कार्रवाई की मांग की।
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि छात्रों ने शिकायत की है। इस संबंध में बिनौली थाना प्रभारी राकेश कुमार शर्मा को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीआइओएस राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिक्षक ने शिकायत की है और न ही छात्रों ने। ऐसा हुआ है तो कालेज प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करे। मुझे शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाचार्य सुशील चौधरी ने बताया कि विद्यालय में प्रार्थना व राष्ट्रगान के बाद जय जवान, जय किसान, जय भारत, भारत माता की जय के नारे लगते हैं। पहले से ही यह परंपरा चली आ रही है। 26 अगस्त को मैं अवकाश पर था। उस दिन दो-तीन छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ व तीन-चार छात्रों ने ‘जय भीम’ के खुद ही नारे लगाए थे। इस पर पीटीआइ ने छात्रों को डांट दिया था।
उनके अभिभावकों ने अपने बच्चों की गलती मानते हुए इस संबंध में लिखित में दिया था। तब से कुछ छात्र विद्यालय नहीं आ रहे हैं। शिक्षकों पर मारपीट एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप निराधार है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।