खेकड़ा, बागपत। खेकड़ा की माटी में जन्मे प्रसिद्ध साहित्यकार तेजपाल सिंह धामा ने महाराष्ट्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि सभा ने उनके सम्मान में समारोह का आयोजन कर क्रांतिकारी इतिहासकार की संज्ञा से नवाजा है।

खेकड़ा के रहने वाले साहित्यकार तेजपाल सिंह धामा किसी परिचय के मोहताज नही है। उन्होंने अभी तक इतिहास से संबंधित दर्जनों शोधपरक ऐतिहासिक उपन्यास एवं शोध ग्रंथों की रचना की है। इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों की स्क्रिप्ट भी लिखी है। उनके प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ हमारी विरासत रचना से प्रभावित होकर महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि सभा ने मुंबई में आर्य समाज के 137वें स्थापना दिवस के मौके पर उनको सम्मानित करने का निर्णय लिया था। तीन दिन पूर्व मुंबई में उनके सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया, जहां पर मुंबई के प्रसिद्ध उद्योगपति मिठाई लाल सिंह ने उनको शाल, श्रीफल, पुष्पहार व पच्चीस हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर के इतिहासकार की वहां पर भूरि भूरि प्रशंसा की गयी। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि तेजपाल धामा के इतिहास से संबंध ग्रंथों ने इतिहास के छात्रों को एक नई दिशा प्रदान की है। इतिहास से संबद्ध सैंकड़ों अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाया है। समारोह की अध्यक्षता उद्यमी अरुण अब्रोल व संचालन भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पारिवारिक पुरोहित पंडित देवदत्त शर्मा ने किया। इस समारोह में कई देशों व प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बता दें, तेजपाल धामा को गत 23 मार्च को भी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ हिन्दी साहित्य भारती की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।

मारीशस में भी बजेगा तेजपाल का डंका

खेकड़ा : महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि समारोह में भाग लेने आयी मारीशस देश की प्रतिनिधि श्रीमती विमला बहन जी तेजपाल की रचनाओं को देखकर व पढ़कर इतनी प्रभावित हुई कि उसने भी अपने देश की ओर से उनको अपने देश में आमंत्रित कर सम्मानित करने की घोषणा कर दी। स्वयं तेजपाल धामा ने बताया कि उनको शीघ्र ही मारीशस में आमंत्रित किया जायेगा।

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