15 दिन की बेटी की हत्यारिन मां को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया; पांच महीने में दोषी को बदायूं कोर्ट ने सुनाई सजा
Badaun Update News In Hindi बदायूं की एक अदालत ने एक महिला को उसकी 15 दिन की बेटी की हत्या का दोषी ठहराया है। महिला ने अपनी बेटी को जगत के तालाब में फेंक दिया था। महिला के पिता ने उसकी मानसिक स्थिति खराब होने का दावा किया था लेकिन अदालत ने उसे दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जागरण संवाददाता, बदायूं। 15 दिन की बच्ची को उसकी ही मां ने तालाब में फेंक कर मार डाला था। उसकी इस क्रूर हरकत पर पूरा गांव एकजुट हो गया था। महिला के पिता ने बेटी का मानसिक संतुलन खराब बताते हुए हत्या की प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी।
पुलिस ने मार्च माह में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में अब एससीएसटी एक्ट की विशेष न्यायाधीश रिंकू जिंदल ने मां को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
31 जनवरी को दिया था लड़की को जन्म
एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह के अनुसार जगत निवासी श्रीपाल भारती ने एक प्राथमिकी थाना अलापुर में 19 फरवरी 2024 को पंजीकृत कराई थी। जिसमें बताया था कि उसने अपनी बेटी प्रियंका की शादी कुड़ेली निवासी विनोद के साथ की थी। उसकी बेटी ने 31 जनवरी 2024 को ससुराल कुड़ेली में एक लड़की को जन्म दिया था। वह 14 फरवरी को प्रियंका अपने मायके आ रही थी तो उसी दिन उसने अपनी 15 दिन की बच्ची को जगत के तालाब में फेंक दिया था।
तालाब में दिखा था बच्ची का शव
जब उसके पास बच्ची नहीं दिखी तो हम सभी लोगों ने तलाश किया तो जगत के तालाब में बच्ची का शव उतराते हुए मिला। उन्होंने बताया कि बच्ची प्रियंका का दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। लेकिन इसके बाद भी उसने खुद अपनी बेटी के खिलाफ उसकी बेटी की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने मार्च में दाखिल किया था आरोप पत्र
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और मार्च माह में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जुलाई में मामला ट्रायल शुरू हुआ। इसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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दोषी को आजीवन कारावास की सजा
शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनी। इसके बाद दोषी मां प्रियंका को पांच महीने में ही विचारण करके आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
खेत पर कब्जा कर बो दिए गेहूं, प्राथमिकी दर्ज
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव रफीनगर में दो भाइयों ने दूसरे के खेत पर कब्जा कर गेहूं की फसल बो दी। पुलिस ने प्राथमिक की दर्ज कर इसकी छानबीन शुरू करती है। ग्राम रफीनगर निवासी अमित का कहना है कि वह एक दिसंबर को अपने खेत पर फसल देखने गए थे लेकिन वहां पहले से उनके गांव के उमेश और शेखर मौजूद थे। वह उनके खेत में जोताई करके गेहूं की फसल बो रहे थे। यह देखकर उन्होंने गेहूं बोआई करने का विरोध किया तो आरोपियों ने उल्टे उन्हीं पर हमला कर दिया। उनके साथ जबरदस्त मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना पर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। उसके बाद आरोपी वहां से भाग गए।
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