यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'गांव की बहू बनी IPS अधिकारी' तो मचा हल्ला, फूल-मालाओं से हुआ जोरदार स्वागत; अब पुलिस ने क्यों दर्ज की FIR
बदायूं के अलापुर थाने के उपनिरीक्षक रामवीर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार जानकारी मिली कि ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव दारानगर में एक महिला पिछले कुछ दिनों से खुद को आईपीएस बता रह रही थी। गांव के एक युवक के साथ वह आई थी। यूपी पुलिस की वर्दी पहने और उस पर आईपीएस लिखा हुआ होने के चलते लोग झांसे में आ गए थे। कई लोगों ने उसका स्वागत भी किया। फोटो अपने सोशल मीडिया पर भी डाल रखे थे, जिसमें गांव की बहू आईपीएस लिखा था। दैनिक जागरण ने सोमवार को इस फर्जीवाड़े को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर अलापुर पुलिस ने अब महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अलापुर थाने के उपनिरीक्षक रामवीर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, जानकारी मिली कि दारानगर गांव के रहने वाले नेमपाल की पत्नी काजल यादव के कुछ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उन फोटो को देखने पर पाया गया कि काजल यादव ने उप्र पुलिस की वर्दी पहनी है, जिस पर आईपीएस लिखा हुआ है। इसके साथ ही गांव के लोग उसे गांव की आईपीएस बहू समझ कर फूल-मालाओं से स्वागत कर रहे हैं। इस तरह से वह गांव की भोली-भाली जनता को धोखा दे रही है और लोकसेवक की वर्दी को पहन कर उसका गलत उपयोग कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे फोटोज
बता दें कि इसी काजल यादव की कुछ और फोटो 12 नवंबर के आसपास वायरल हुई थी। इसकी शिकायत एसएसपी डॉ. ओपी सिंह से की गई थी। एसएसपी के आदेश पर अलापुर थाना पुलिस ने इस मामले की जांच की थी, लेकिन उस समय पुलिस को बताया गया था कि यह फोटो किसी मेले में काजल ने खिंचवाई थी। वही फोटो हैं। लेकिन अब जो फोटो सामने आईं उन फोटो में काजल यादव का गांव में स्वागत होते और अलग अलग लोगों के साथ ली गई थी सेल्फी शामिल थी।
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पुलिस ने दर्ज की FIR
पुलिस अगर चाहती तो लोगों को धोखा देने, गुमराह करने के मामले में आईपीसी की धारा 420, 203 आदि के तहत भी प्राथमिकी कर सकती थी, लेकिन इसमें ऐसा नहीं किया गया। इस संबंध में अलापुर इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि वायरल हुई फोटो में दिख रहे अपराध के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना के दौरान अगर इसमें और तथ्य व आरोप पाए जाते हैं तो धारा बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी।
