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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Budaun: लखनपुरा प्रधान और किसान हत्याकांड के दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल

By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
Published: Thu, 23 Nov 2023 05:16 PM (IST)

वजीरगंज थाना क्षेत्र के लखनपुरा में हुई प्रधान की और उघैती के शरह बरौलिया गांव में हुई किसान की हत्या ...और पढ़ें

उघैती पुलिस की गिरफ्त में पिता का हत्यारोपित बेटा सचिन।- जागरण
उघैती पुलिस की गिरफ्त में पिता का हत्यारोपित बेटा सचिन।- जागरण

HighLights

  1. प्रधान हत्याकांड में पहले अज्ञात फिर चकरोड विवाद में शामिल नन्हे को किया था नामजद
  2. किसान हत्याकांड में बेटे समेत पांच पर हुई प्राथमिकी, पुलिस ने बेटे को ही माना आरोपित

जागरण संवाददाता, बदायूं। वजीरगंज थाना क्षेत्र के लखनपुरा में हुई प्रधान की और उघैती के शरह बरौलिया गांव में हुई किसान की हत्या हुई थी। इन दोनों ही मामलों के आरोपितों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। किसान हत्याकांड में उसका खुद का बेटा हत्यारोपित था, जबकि प्रधान हत्याकांड में खेत से चकरोड निकालने के चलते हुए विवाद में शामिल गांव का ही व्यक्ति हत्यारोपित निकला। अब पुलिस दोनों ही मामलों के विवेचना और साक्ष्य संकलन में जुट गई है, जिससे जल्द ही इन मामलों की चार्जशीट भी लगाई जा सके।

वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लखनपुरा के प्रधान शिवचरण लोधी की नौ नवंबर की रात कुल्हाड़ी से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में इस मामले में स्वजन की ओर से कोई रंजिश होना नहीं बताया था। लेकिन बाद में जांच हुई तो सामने आया कि प्रधान शिवचरण का गांव के ही नन्हे सिंह से विवाद हुआ था। इसके चलते ही पहले पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन बाद में पुलिस ने नन्हे को नामजद किया था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था।

पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी कि गुरुवार सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह और उपनिरीक्षक सुनील कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि नन्हे मूसेपुर पुल के पास दिखाई दिया है। इस पर थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंच कर पुलिस बल के साथ घेराबंदी की और आरोपित नन्हे को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उसने बताया कि वह जिस खेत को 30 साल से जोत रहा था। वहीं उसकी भैंसें भी बांधी जाती थीं। लेकिन प्रधान ने उसी खेत से चकरोड निकलवा दिया। इसके चलते ही उसने शिवचरण की हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार को ही उसे जेल भेज दिया।

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वहीं दूसरा मामला उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया का 19 नवंबर का है। जब गांव निवासी सुभाष शर्मा अपने खेत पर काम करने गए थे। उसी दौरान उनके बेटे ने आकर उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी थी। सुभाष शर्मा को चार गोली लगने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इस मामले में सुभाष शर्मा के तहेरे भाई मुनेश शर्मा ने बेटे सचिन शर्मा के अलावा गांव के रामबहादुर, विपिन, अनुज शर्मा और रामाशंकर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस का मानना है कि हत्या में सिर्फ सचिन शर्मा ही शामिल है। स्वजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगाया।

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उधर, आरोपित सचिन अपने पिता के तहेरे भाई व अन्य स्वजन को फोन कर धमका रहा था। पुलिस की जांच में सिर्फ सचिन के द्वारा ही हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके चलते पुलिस ने गुरुवार को सचिन को गांव की पुलिया के पास से भागते समय गिरफ्तार किया है। उसके पास से तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में उसने बताया कि पिता ने जमीन बेच कर अपने तहेरे भाई को रुपये दे दिए थे। वह अन्य जमीन किसी और को न दे दें, इसके चलते ही उसने पिता को मार डाला। पुलिस ने गुरुवार को ही उसे जेल भेज दिया।

एसएसपी डॉ. ओपी स‍िंह ने बताया क‍ि लखनपुरा प्रधान में गांव का ही नन्हे शामिल निकला। उसने चकरोड निकालने के विवाद में रंजिश मानते हुए प्रधान की हत्या की थी। वजीरगंज पुलिस ने उसे पकड़कर जेल भेज दिया है। वहीं उघैती के शरह बरौलिया में हुई किसान सुभाष की हत्या में उसका बेटा ही हत्यारोपित है। शेष लोगों की भूमिका की जांच जारी है। बेटे सचिन को जेल भेज दिया गया है।