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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Badaun Lok Sabha Result 2024; बीजेपी से बदायूं लोकसभा सीट छीनकर शिवपाल के बेटे आदित्य यादव ने रचा इतिहास

Published: Tue, 04 Jun 2024 07:30 PM (IST)

Badaun Lok Sabha Result 2024 संसदीय सीट बदायूं पर बड़ा फेरबदल देखने को मिला। बदायूं सीट चर्चा में रही थी। ...और पढ़ें

दोपहर बाद तक चिपक कर सपा और भाजपा में चलता दिखा संघर्ष
दोपहर बाद तक चिपक कर सपा और भाजपा में चलता दिखा संघर्ष

HighLights

  1. दोपहर बाद तक चिपक कर सपा और भाजपा में चलता दिखा संघर्ष
  2. नेताओं और कार्यकर्ताओं की ऊपर-नीचे होती रहीं धड़कनें

जागरण संवाददाता, बदायूं। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य और सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी आदित्य यादव के बीच पहले राउंड से ही उठा पटक चलती रही। शुरूआती दौर से ही दोनों दलों के उम्मीदवारों को मिले वोटों में कोई खास अंतर नहीं आ रहा था। बदायूं की सीट पर सैफई परिवार के लिए भी साख बचाने की लड़ाई थी। भाजपा के दुर्विजय सिंह शाक्य इस सीट पर कब्जा बरकरार नहीं रख सके।

भाजपा की लीड बढ़ने पर सपा कार्यकर्ता तो सपा की लीड बढ़ने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की धड़कनें ऊपर-नीचे हो रही थीं। मंडी स्थल के बाहर परिणाम जानने के लिए ज्यादा भीड़ नहीं दिखी, चुनाव आयोग की वेबसाइट, टीवी और सोशल मीडिया से लोग घर बैठे चुनाव परिणाम का अपडेट लेते रहे।

आते रहे उतार और चढ़ाव

सपा की जीत तो शाम को हुई, लेकिन सुबह से लेकर दोपहर बाद तक उतार-चढ़ाव आते रहे। पहले और दूसरे चक्र की मतगणना में भाजपा बढ़त बनाए रही तो तीसरे चक्र की मतगणना में सपा आगे हो गई। चौथे चक्र से लेकर सातवें चक्र तक फिर भाजपा ने बढ़त बनाई, लेकिन आठवें चरण में सपा फिर आगे हो गई। ऊपर-नीचे होने का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा, लेकिन अपराह्न तीन बजे के बाद सपा ने लीड लेनी शुरू की तो फिर पीछे नहीं लौटी।

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लीड के बाद भाजपा को मिली हार

भाजपा उम्मीदवार ने तो 20 हजार मतों की लीड ले ली थी, तब सपा के खेमे में मायूसी दिखने लगी थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उम्मीद नहीं छोड़ी थी। जीतना तो किसी एक को ही था, सपा को विजय मिली, लेकिन मुकाबला कांटे का दिखाई दिया। भाजपा नेता भले ही सीट को आसान समझ रहे थे, लेकिन राजनीतिक जानकार पहले से मान रहे थे कि भाजपा की डगर आसान नहीं है। बहरहाल, शाम को जीत के बाद सपा कार्यकर्ताओं में जहां जश्न का माहौल बन गया वहीं भाजपा खेमे में मायूसी छा गई।