दातागंज मर्डर: बदमाशों ने कुंडी तोड़कर की बुजुर्ग की हत्या, लेकिन मचान पर रखे जेवरों को हाथ नहीं लगाया -जानें क्यों?
दातागंज के पापड़ हमजापुर गांव में 70 वर्षीय मुन्नी देवी की हत्या और लूटपाट की घटना हुई। बदमाश पूरी तैयारी से आए थे और कुंडी तोड़कर घर में घुसे। परिजनो ...और पढ़ें

जांच करते पुलिस अधिकारी
संवाद सहयोगी, जागरण, दातागंज (बदायूं)। पापड़ हमजापुर गांव में जिन बदमाशों ने हत्या व लूटकांड की घटना को अंजाम दिया। वह पूरी तैयारी के साथ आए थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें अच्छी तरह पता था कि महिला घर पर अकेली है, जिससे वह बेखटक दरवाजे की कुंडी तोड़कर घर के अंदर घुस गए और घटना को अंजाम दे दिया।
स्वजन पड़ोसियों पर ही हत्या और लूट की आशंका व्यक्त कर रहे हैं, जिससे पुलिस ने उन्हें ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।कोतवाली क्षेत्र के गांव पापड़ हमजापुर निवासी 70 वर्षीय मुन्नी देवी की सर्दियों में हालत बिगड़ गई थी। उनके जोड़ों में दर्द शुरू हो गया था, जिससे वह काफी परेशान थी। उनकी बड़ी बेटी नीरू गुप्ता दिल्ली में स्टाफ नर्स है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले वह उन्हें दिल्ली ले गई थी और वहां सफदरजंग अस्पताल से उन्हें डाक्टर को दिखाकर दवा दिलाई थी।मंगलवार को वह दिल्ली से लौटकर घर आई थीं। तब तक उनके पति रामऔतार गुप्ता की हालत बिगड़ गई। यह सुनकर शाहजहांपुर के तिलहर में ब्याही चौथे नंबर की बेटी राधा गुप्ता पापड़ आ गई और अपने पिता को तिलहर ले गई।
तब से रामऔतार गुप्ता तिलहर में अपना उपचार करा रहे थे और यहां मुन्नी देवी घर पर अकेली थीं। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार शाम दातागंज में ब्याही दूसरे नंबर की बेटी रुचि गुप्ता के घर गईं थीं। वहां से रात करीब 9:30 बजे उनका धेवता रोनित अपने दोस्त मानव के साथ उन्हें पापड़ गांव छोड़कर गया था।
यह घटना भी रात 11 बजे से लेकर सुबह चार बजे के बीच की बताई जा रही है। हालांकि उनकी गली या आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जिससे बदमाशों की संख्या और सटीक समय का पता नहीं चला है। हालांकि उन्होंने जिस तरह घटना को अंजाम दिया था।
इससे माना जा रहा है कि उन्हें व्यापारी के घर के बारे में अच्छी तरह पता था। इसलिए वह टेप, रस्सी और हथौड़ी सबकुछ लेकर आए थे। उनके पास असलहे भी रहे होंगे। पुलिस इस मामले की कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और दावा भी किया है कि जल्द ही इसका राजफाश कर दिया जाएगा।
मचान पर बक्से में रखे मिले गिरवी रखे जेवर
व्यापारी रामऔतार गुप्ता ब्याज पर रुपये देने का भी काम करते हैं। इसलिए वह लोगों के सोने चांदी के जेवर भी गिरवी रख लिया करते थे। अब तक उन्होंने जो जेवर गिरवी रखे थे, उन्हें मचान के ऊपर एक बक्से में रख दिया था। रात घटना के दौरान बदमाशों की नजर उस पर नहीं पड़ी। जब सुबह पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मकान के छानबीन की। ऊपर मचान से बक्सा खोल कर देखा गया तो उसमें जेवर रखे मिले।
स्वजन ने एक साल पहले जताई थी हत्या की आशंका
रामऔतार गुप्ता की बेटी नीरू गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पहले कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। उन्हें आशंका थी कि वह लोग उनके माता-पिता की हत्या कर सकते हैं। वह लगातार उनकी सुरक्षा की मांग भी कर रही थीं लेकिन कोतवाली पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि मुहल्ले के कुछ लोग भी उनसे रंजिश मान रहे थे। इसी बात को लेकर उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी। हालांकि पुलिस ने उसमें प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
पोस्टमार्टम हाउस पर बोला सिपाही, घर में नहीं हुई है चोरी, बिगड़ गए स्वजन
शनिवार दोपहर जब मुन्नी देवी के शव को पोस्टमार्टम हाउस पर ले जाया गया तो उनके साथ कोतवाली में तैनात एक सिपाही भी भेजा गया। बताया जा रहा है कि वहां स्वजन पिछली बात याद करके आपस में बात कर रहे थे। इसी दौरान सिपाही ने कह दिया कि उनके घर में कोई चोरी नहीं हुई है और न ही कोई लूटपाट हुई है। इसी बात को लेकर परिवार वाले बिगड़ गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। इसकी सूचना पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस हरेंद्र सिंह भी पहुंच गए और उन्हें परिवार वालों को समझा बुझाकर शांत कराया।
घर में रखे बेटियों के जेवर भी ले गए बदमाश
रामऔतार गुप्ता के घर में उनकी बड़ी बेटी नीरू गुप्ता और आरती गुप्ता के भी जेवर रखे थे। नीरू गुप्ता का कहना है कि उन्हें अपने घर से ज्यादा सुरक्षित मायका लग रहा था। इससे उन्होंने अपने जेवर भी यहां रख दिए थे। रात बदमाश उन्हें भी लूटकर ले गए।

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