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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत भाषा समस्त भाषाओं की जननी

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Published: Tue, 09 Aug 2016 05:51 PM (IST)

बदायूं : मदर एथीना स्कूल में मंगलवार को संस्कृत सप्ताह का आरंभ हो गया। विद्यालय की प्रात: कालीन सभा

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बदायूं : मदर एथीना स्कूल में मंगलवार को संस्कृत सप्ताह का आरंभ हो गया। विद्यालय की प्रात: कालीन सभा में यलो हाउस की छात्रा सम्या गौतम ने संस्कृत भाषा और साहित्य के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत हमारे प्राचीन वेदों से जुड़ी भाषा है। इसी क्रम में कक्षा नौ की छात्राओं ने संस्कृत में स्वर वाचन करते हुए ज्ञान की देवी मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। प्रात: कालीन सभा की सभी गतिविधियां संस्कृत में संपन्न हुई।

विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने कहा कि संस्कृत भाषा समस्त भाषाओं की जननी है। हमारे समस्त प्राचीन वैदिक और लौकिक ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही लिखे गए हैं यह भाषा हमारी संस्कृति का स्त्रोत है और ज्ञान का अक्षय भंडार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जबकि समाज के नैतिक मूल्यों में निरंतर गिरावट आती जा रही है और हम पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित होकर अपनी संस्कृति से विमुख होते जा रहे है। संस्कृत भाषा के अध्ययन की प्रासंगिकता और बढ़ गई है क्योंकि संस्कृत साहित्य जैसी नैतिकता, मानवता और मानव व्यवहार की शिक्षा अन्यत्र दुर्लभ है। प्राधानाचार्य शीबा खान ने कहा कि संस्कृत साहित्य में संचित ज्ञान को देखते हुए अनेक यूरोपीय देशों में भी संस्कृत की शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में पूरे सप्ताह संस्कृत भाषा के महत्व, संस्कृत शिक्षण की विधियों, इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता को रेखांकित करने वाले कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।