आजमगढ़ में फरार मदरसा के प्रबंधक को पकड़ने गई पुलिस पर स्वजन ने लगाया मारपीट का आरोप, मौत के बाद हंगामा
आजमगढ़ में रौनापार पुलिस द्वारा फरार मदरसा प्रबंधक कलामुद्दीन को गिरफ्तार करने के दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर म ...और पढ़ें

कलामुद्दीन इस्लामिया मिफ्ताहुल उलूम नामक मदरसे में प्रबंधक थे और मदरसे का संचालन करते थे।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। रौनापार थाना की पुलिस सोमवार को नई बस्ती में फरार वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान वारंटी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। स्वजन ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। रौनापार नई बस्ती निवासी 58 वर्षीय कलामुद्दीन इस्लामिया मिफ्ताहुल उलूम नामक मदरसे में प्रबंधक थे और मदरसे का संचालन करते थे।
कलामुद्दीन पर एसआइटी जांच कर रहे राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (इओडब्ल्यू) के इंस्पेक्टर कुंवर ब्रह्मप्रकाश ने मदरसा के आधुनिकीकरण के नाम पर शासकीय धन के गबन का रौनापार थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में कलामुद्दीन फरार चल रहे थे। बेटे आमिश अहमद ने बताया कि सोमवार की सुबह पिता कलामुद्दीन पास में बने रहे नए मकान पर गए हुए थे।
स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि पुलिस उन्हें पकड़ने आई है। जब वहां पहुंचा तो देखा पिता अचेत पड़े हुए हैं, स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस ने पिता को दौड़ा-दौडाकर पीटा है, जिससे वह अचेत होकर गिरपड़े। आमिश ने बताया कि मारपीट की घटना में पिता की मौत हो हुई है। कलामुद्दीन की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। थाने के गेट पर शव रख कर घेराव करने का प्रयास किया।
धीरे-धीरे लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी, स्थिति को काबू करने के लिए सीओ सगड़ी, बिलरियागंज, जीयनपुर, महराजगंज सहित अन्य थानों की पुलिस सहित पीएससी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने में जुट गई, काफी प्रयास के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए। कलामुद्दीन के पास चार बेटे हैं, आमिश, हारिफ, आतिफ और आरिब सभी घर पर रहते हैं। इस संबंध में को सीओ अनिल कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
वर्ष 2025 में जनपद के 180 मदरसा संचालकों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
जनपद में वर्ष 2025 में मदरसा आधुनिकीकरण के तहत हुए है फर्जीवाड़ा की जांच करने का जिम्मा इओडब्ल्यू को दिया गया था।जांच के क्रम में जिले में कुल 313 मदरसे संचालित मिले। जिसमें से 219 मदरसा का अस्तित्व ही नहीं था। आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक कुंवर ब्रह्मप्रकाश सिंह की तहरीर पर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्र अंतर्गत 180 फर्जी मदरसा संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिन मदरसों पर मुकदमा दर्ज किया गया था वह जनवरी 2023 में शासन की ओर अधुनिकरण के नाम पर अनुदान ले रहे थे।

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