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    त्रिवेणी अलमीरा ब्रांड के नाम पर चल रहा है फर्जी कारोबार, रोजाना 25 गाड़ियां जाती हैं बिहार

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:21 PM (IST)

    आजमगढ़ में त्रिवेणी अलमीरा के नाम पर नकली अलमारियां बनाने का गोरखधंधा सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर बिंद्रा बाजार स्थित भारत अलमीरा पर छापे ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक फोटो।

    जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जनपद में एक बार फिर त्रिवेणी अलमीरा के नाम पर नकली आलमारी बनाने वाली फैक्ट्री का मामला प्रकाश में आया है। शनिवार तीन जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर बिंद्रा बाजार स्थित भारत अलमीरा पर छापेमारी की गई। छापेमारी टीम में त्रिवेणी अलमारी की तरफ से शौर्य पांडे और दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से कृति अग्रवाल लोकल कमिश्नर बनकर आई थी। हालांकि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध सामान नहीं मिला। जांच करने पहुंची टीम वापस लौट गई।

    जनपद में ब्रांड के नाम पर फर्जी अलमीरा बनाने का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार कोर्ट के आदेश पर टीम गंभीरपुर और सिधारी थाना क्षेत्र अंतर्गत फैक्ट्री पर दबिश दे चुकी है। दो दिसंबर 2023 को त्रिवेणी कंपनी के प्रबंधक राघवेंद्र मिश्रा ने नकली आलमीरा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

    इसके पहले भी भी शहर के कोट जालंधरी स्थित एक फर्नीचर फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में भी मुकदमा दर्ज कराया था। पिछले साल दो जून को पटियाल कोर्ट के आदेश पर गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर स्थित गोल्डन अलमीरा के यहां टीम ने छापेमारी की थी।

    दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश पर लोकल कमिश्नर भव्या सानवाल स्टैंडिंग काउंसिल की टीम के साथ जांच करने गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर स्थित गोल्डन अलमीरा (त्रिवेणी मैक्स अलमीरा) नामक फर्म पर पहुंची थीं। जांच के दौरान यहां पर त्रिवेणी मैक्स के नाम से कई सौ अलमारियां, नकली नाम छापने की डाई एवं आलमारी को पैक करने के लिए नकली नाम से रखे हुए गत्ते मिले थे।

    इसके साथ ही सिधारी थाना क्षेत्र के चंडेश्वर स्थित मेसर्स नेशनल पैकेजिंग फर्म पर छापेमारी की गई थी। यहां पर नकली त्रिवेणी नामक पैकेजिंग मटेरियल, गत्ते एवं प्रिंटिंग डाई मिला। टीम ने दोनों जगहों के सामानों को सीज करते हुए नकली सामान बनाने वाले मालिकों को कोर्ट में प्रस्तुत होने का निर्देश दिया था।

    बिहार भेजी जातीं है प्रतिदिन 25 गाड़ियां

    गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कई फर्नीचर कारखाने चलते हैं। यहीं कारखाने में त्रिवेणी अलमीरा के नाम से नकली अलमीरा बना कर बाजार में बेची जाती है। गंभीरपुर थाने में पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बिंद्राबाजार और मोहम्मदपुर में ब्रांडेड कंपनी के नाम की नकली आलमीरा बना कर बाजारों तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है।

    यहां से बनने वाली अधिकांश नकली अलमीरा बिहार जाती है। स्थानीय लोगों की माने तो यहां से प्रतिदिन 25 गाड़ियां बिहार के सिवान, बेतिया, बक्सर, बेगूसराय, मोतिहारी और औरंगाबाद भेजी जाती हैं।

    ब्रांड की नकल करते हुए नकली आलमीरा बनाने वाले कंपनी का लोगो या नाम के स्पेलिंग में थोड़ा सा परिवर्तन कर देते हैं जो ग्राहकों को दिखाई नहीं दें। ग्राहकों को असली ब्रांडेड बता कर नकली आलमीरा बेचा जाता है। नकली आलमीरा चार से पांच हजार में बनकर तैयार हो जाता है। जिसे ग्राहकों को ब्रांडेड बता कर 11 से 20 हजार रुपये तक बेचा जाता है।

    दिल्ली से जांच करने टीम आई थी, किसी प्रकार का कोई समान सीज नहीं हुआ। जांच टीम एक रिपोर्ट बना कर अपने साथ ले गई है। अगर भविष्य में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनिल कुमार, एएसपी आजमगढ़।