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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी 22 जनवरी को रामलला को गर्भगृह में करेंगे स्‍थाप‍ित, आराध्य के सम्मुख श्रद्धावनत होगा संपूर्ण भारत

By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
Published: Tue, 19 Sep 2023 12:33 PM (IST)

Ramlala Pran Pratishtha Samaroh 22 जनवरी 2024 को जब पीएम द‍िव्‍य और भव्‍य राम मंद‍िर के गर्भगृह में रामलला की ...और पढ़ें

Ramlala Pran Pratishtha Samaroh: अयोध्‍या में तेजी से आकार ले रहा राम मंद‍िर
Ramlala Pran Pratishtha Samaroh: अयोध्‍या में तेजी से आकार ले रहा राम मंद‍िर

HighLights

  1. विहिप की 44 प्रांतीय इकाइयों के संयोजन में 40 दिनों तक प्रतिदिन 25 हजार श्रद्धालु करेंगे रामलला के दर्शन
  2. विहिप के संगठित अभियान से इतर दर्शन के लिए रामभक्तों की स्वत:स्फूर्त पांत भी उमड़ेगी

अयोध्या, [रघुवरशरण]। रामलला के सम्मुख संपूर्ण देश श्रद्धावनत होगा। इसके लिए नवनिर्मित गर्भगृह में रामलला के विराजमान होने की प्रतीक्षा करनी होगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान अगले वर्ष 15 से 24 जनवरी तक प्रस्तावित है और इस अनुष्ठान का शिखर 22 जनवरी को परिभाषित होगा, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गर्भगृह में रामलला को स्थापित करेंगे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला की स्थापना के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री के अतिरिक्त पांच हजार चुनिंदा श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।

रामलला की स्थापना के समय पांच हजार लोग रहेंगे उपस्थिति

प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के अति विशिष्ट मानक को देखते हुए भले ही रामलला की स्थापना के समय पांच हजार लोगों की उपस्थिति को स्वीकृति दी गई हो, किंतु अगले दिन से ही रामलला के प्रति अगाध आस्था के अनुरूप अपार श्रद्धालुओं के उमड़ने का अनुमान है। इस क्रम में न केवल राम भक्तों की स्वत:स्फूर्त पांत रामलला की ओर उन्मुख होगी, बल्कि रामलला से जुड़ी भावनाओं का संवहन करती हुई विहिप संगठित अभियान के तहत श्रद्धालुओं को रामलला का दर्शन कराएगी।

विहिप की हर इकाई एक द‍िन में 25 हजार भक्‍तों को करायेगी दर्शन

विहिप का यह अभियान राष्ट्रव्यापी होगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 24 जनवरी तक संयोजित है। समझा जाता है कि इसी के अगले दिन से विहिप के राम दर्शन अभियान का आरंभ होगा। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष कामेश्वर चौपाल के अनुसार यह अभियान 40 दिन तक चलेगा और इन चालीस दिनों के दौरान विहिप की किसी न किसी प्रांतीय इकाई के आह्वान पर प्रत्येक दिन संबंधित प्रांत से जुड़े 25 हजार रामभक्त रामलला का दर्शन करेंगे।

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रामलला के दर्शन कराने के ल‍िए व‍िह‍िप का 40 दिवसीय अभियान

देश में यूं तो 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं, किंतु सांगठनिक विस्तार की दृष्टि से देश में विहिप की 44 प्रांतीय इकाइयां हैं। 40 दिनों के राम दर्शन अभियान में इन सभी प्रांतीय इकाइयों का प्रतिनिधित्व होगा। 44 इकाइयों के हिसाब से 40 दिवसीय अभियान में दो-चार ऐसे भी दिन होंगे, जब रामलला के दर्शन में एकाधिक प्रांतीय इकाइयों का प्रतिनिधित्व होगा। यद्यपि नवनिर्मित मंदिर के मूल गर्भगृह में स्थापित होने के बाद रामलला के दर्शनार्थ उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की संख्या मात्र 25 हजार पर ही थमने वाली नहीं होगी।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वर्ष में एक लाख भक्‍त हर रोज करेंगे दर्शन

दर्शनार्थियों के नियोजन-प्रबंधन की तैयारी में लगे रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों का अनुमान है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वर्ष में रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या औसतन एक लाख के आस-पास होगी। यह अनुमान मंदिर निर्माण के रुझान से अनुप्राणित है। जहां नौ नवंबर 2019 को रामलला के पक्ष में सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के पूर्व तक रामलला के नित्य दर्शनार्थियों की संख्या हजार-दो हजार तक सिमटी रहती थी, वहीं निर्णय आने के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। इन दिनों मंदिर निर्माण की पूर्व बेला में वैकल्पिक गर्भगृह में विराजे रामलला के नित्य दर्शनार्थियों की संख्या 30 हजार के आस-पास रहती है।

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