अयोध्या में जंग लगे हथियारों से वन कर्मी कर रहे जंगलों की रखवाली, लकड़ी तस्कर पहुंचा रहे नुकसान
अयोध्या के कुमारगंज वन रेंज में वन कर्मी जंग लगे हथियारों से जंगल की रखवाली कर रहे हैं। विभाग द्वारा न तो असलहों का रखरखाव किया जाता है और न ही उन्हें ...और पढ़ें

जंग लगे हथियारों से वन कर्मी कर रहे जंगलों की रखवाली।
संवाद सूत्र, कुमारगंज (अयोध्या)। जंग लगे हथियारों से ही वन कर्मी जंगलों की रखवाली कर रहे हैं। विभाग से समय पर न तो इनके असलहों की जांच कराई जाती है और न ही इन्हें असलहे चलाने का कोई प्रशिक्षण ही दिया जाता है। महज साल भर में एक बार ही सभी असलहों को माल खाना भेज कर मरम्मत कराने का दावा विभाग के अधिकारी करते हैं। जबकि विभागीय सूत्रों की माने तो कई सालों से असलहों की साफ सफाई नहीं कराई गई है।
कुमारगंज वन रेंज करीब एक हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें अमेठी तथा सुलतानपुर जिले की सीमा पर 104.4 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र है। इस क्षेत्र में खैर, सागौन, महुआ, शीशम समेत कई प्रजातियों के विशालकाय वृक्ष हैं, जिस पर लकड़ी तस्करों की निगाह गड़ी रहती है।
कई बार लकड़ी तस्कर विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से या फिर उनकी आखों में धूल झोंक अवैध कटान कर राजस्व के साथ वन को भी क्षति पहुंचाने से नहीं चूकते हैं।
इसके चलते वन विभाग इस क्षेत्र को संवेदनशील मानता है। वन कर्मी असलहे के साथ इन जंगलों में पैदल गस्त से लेकर औचक निरीक्षण करते रहते हैं, पर ड्यूटी करने वाले इन वन कर्मियों के असलहे की ना तो समय पर देखरेख होती है और न ही असलहे से फायरिंग का ही कभी परीक्षण दिलाया जाता है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी कुमारगंज प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कई रेंज में तीन सरकारी राइफल है। उन्होंने इसे स्वीकारते हुए कहा कि यह सही है, सालो से असलहों की जांच पड़ताल नहीं हुई है, फिलहाल अपने असलहों की देखरेख वनकर्मी स्वयं करते रहते है।

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