अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को लेकर बड़ा अपडेट, श्रद्धालुओं के लिए अप्रैल तक खोलने की तैयार
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय जल्द श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा, मार्च तक अधिकांश कार्य पूरे होंगे। आईआईटी चेन्नई की मदद से पांच डिजिटलाइज्ड गैलरी बन ...और पढ़ें

अप्रैल तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया जाएगा रामकथा संग्रहालय।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को अप्रैल तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल देने की योजना है। प्रयास किया जा रहा है कि मार्च तक अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। परिसर की पांच डिजिटलाइज्ड गैलरियों को विकसित करने के लिए आईआईटी चेन्नई से करार हो चुका है।
एक गैलरी हनुमान जी को और चार भगवान श्रीराम को समर्पित होंगी। इनमें उच्च गुणवत्ता की तकनीक से भगवान के जीवन प्रसंगों का प्रदर्शन होगा। यह जानकारी मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दी।
उन्होंने कहाकि रामजन्मभूमि के सभी पूरक व सप्तर्षि मंदिरों में पास के आधार पर ही दर्शन संभव हो सकेगा। इसके लिए ट्रस्ट कंप्यूटर प्रोग्राम बना रहा है। उम्मीद है कि ट्रस्ट 23-24 जनवरी तक इस पर विचार कर लेगा और फरवरी के प्रथम या द्वितीय सप्ताह तक दर्शन हो सकेगा।
मिश्र ने अपने प्रवास के दूसरे दिन रामकथा संग्रहालय में बैठक कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर ट्रस्ट महासचिव चंपतराय, संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह व कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस दौरान उन्होंने संग्रहालय के सोविनियर प्रखंड के निर्माण व इसमें बनने वाले विभिन्न प्रकल्पों के क्षेत्रफल पर अंतिम सहमति प्रदान की।
प्रवेश द्वार के समीप निर्मित हो रहे सोविनियर ब्लाक में रिसेप्शन व ओरिएंटेशन रूम, टिकट व अमानती घर, कैफेटेरिया, सोविनियर शाप, टायलेट आदि का निर्माण होना है।
इससे पूर्व सोमवार सुबह उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, श्रीराम अस्पताल के अपग्रेडेशन को लेकर अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने चिंतन कर लिया है। अब राज्य सरकार से स्वीकृति मिल जाने पर उपकरणों की खरीद आदि शुरू हो जाएगी।
प्रयास है कि रामलला के दर्शनार्थियों को राम मंदिर के समीप ही बेहतर तात्कालिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मोदी कैंसर केयर ट्रस्ट अयोध्या में कैंसर के उपचार के लिए अस्पताल बनाएगा। इसके लिए अयोध्या राजपरिवार की ओर से जमीन चिह्नित कर दी गई है। डीएम के स्तर से एनओसी मिल गई है। जल्द इसका एग्रीमेंट पूरा होगा।
अस्पताल संचालन के लिए बनने वाले ट्रस्ट में अयोध्या राज परिवार का काेई एक सदस्य आजीवन ट्रस्टी रहेगा। इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन गई है। कोशिश होगी कि दो वर्ष बाद कैंसर के उपचार व परीक्षण की सुविधा मिल सके।

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