अयोध्या राम मंदिर के सप्तर्षि और सभी पूरक मंदिर इसी माह ट्रस्ट को होंगे हैंडओवर
अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर के सात पूरक मंदिर और रामायणकालीन सप्तर्षि मंदिर इसी माह लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के चहुंओर निर्मित सात पूरक मंदिर और रामायणकालीन सप्तर्षियों के मंदिरों को कार्यदायी एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) इसी माह ट्रस्ट को हैंडओवर कर देगी। परकोटे से जुड़े विभिन्न कार्यों में अभी जनवरी तक का समय लग सकता है, इसलिए इसका हस्तांतरण बाद में होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने परकोटे के अलग-अलग कोणों और उत्तरी व दक्षिणी भुजा पर छह देवी-देवताओं (भगवान शिव, गणेश, सूर्य, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा व हनुमान जी) के मंदिरों का निर्माण कराया है।
परकोटा और छह देवी-देवताओं के मंदिरों में कुछ काम था शेष
राम मंदिर के दक्षिण-पश्चिम में परकोटे के बाहर शेषावतार मंदिर बना है और परिसर के दक्षिणी हिस्से में रामायणकालीन सात ऋषियों-मुनियों के मंदिर निर्मित हैं। परकोटे के मध्य के पूरक मंदिरों को छोड़ कर आठ अन्य मंदिरों की फिनिशिंग, साफ-सफाई, फ्लोरिंग व हरित विकास का कार्य ध्वजारोहण उत्सव के पहले पूरा हो गया था, परंतु परकोटा व इसके मध्य के छह देवी-देवताओं के मंदिरों में कुछ न कुछ कार्य अवशेष रहे।
कार्यदायी एजेंसी ने 25 नवंबर के बाद इन्हें द्रुत गति से प्रारंभ तो कराया, परंतु बारीक कार्य होने से समय लगा। इसी कारण पूरक मंदिरों पर ध्वजारोहण भी नहीं हो सका था। अब जबकि मंदिरों के समस्त कार्य लगभग पूरे हो गए हैं तो मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्मित हो चुके प्रकल्पों को हैंडओवर करने का निर्देश दिया है। उनके निर्देश पर कार्यदायी एजेंसी इसी माह हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करेगी।
एलएंडटी के परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता ने कहा, परकोटे के कार्य जनवरी तक पूरे करने का प्रयास होगा। इससे जुड़े कारिडोर की भी फिनिशिंग हो चुकी है। पूरक मंदिरों व सप्तर्षि मंदिरों को जनवरी में ही हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

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